'तिकड़ी' ने बचाया अभिषेक शर्मा का करियर, भारतीय ओपनर का खुलासा- टी20 वर्ल्ड कप से मिली सबसे बड़ी सीख
'तिकड़ी' ने बचाया अभिषेक शर्मा का करियर, भारतीय ओपनर का खुलासा- टी20 वर्ल्ड कप से मिली सबसे बड़ी सीख
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन शुरुआती मैचों में निराशाजनक रहा, लेकिन फाइनल में उन्होंने अर्धशतक जड़कर भारत को जीत दिलाई। उन्होंने अ ...और पढ़ें
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अभिषेक शर्मा ने फाइनल में जड़ा अर्धशतक
अभिषेक शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप-2026 के फाइनल में जड़ा अर्धशतक
शुरुआती मैचों में फेल रहे थे अभिषेक शर्मा
लगातार तीन मैचों में खाता नहीं खोल पाए थे अभिषेक
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा जब टी20 वर्ल्ड कप-2026 में जा रहे थे तो उम्मीद थी कि उनके बल्ले से तूफानी पारियां निकलेंगी। हालांकि, ऐसा हुआ नहीं। उनका बल्ला शांत रहा और वह लगातार फेल होते रहे। अंत में जाकर फाइनल में उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेली जिसने भारत को विजयी बनाया। इस खिताबी जीत के बाद अभिषेक ने अपने बुरे समय को याद किया है और बताया कि तीन लोगों ने उनकी बुरे दौर में मदद की। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने वर्ल्ड कप से मिली सीख को भी याद किया है।
वर्ल्ड कप में जाने से पहले यह बल्लेबाज तूफानी फॉर्म में था। अपनी उस फॉर्म को अभिषेक वर्ल्ड कप में दोहरा नहीं पाए। वह लगातार तीन मैचों में बिना खाता खोले आउट हुए। इस दौरान टीम मैनेजमेंट ने उनका साथ दिया और नतीजा ये रहा कि फाइनल जैसे बड़े मैच में उनके बल्ले से अर्धशतक निकला। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए खिताबी मुकाबले में उन्होंने 52 रन बनाए और महज 18 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया।
इन तीनों ने की मदद
अभिषेक ने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए बताया कि बुरे समय के दौरान उनकी तीन लोगों ने काफी मदद की और उन पर भरोसा बनाए रखा। अभिषेक ने कहा कि कोच गौतम गंभीर, कप्तान सूर्यकुमार यादव और उनके मेंटर युवराज सिंह उनके साथ खड़े रहे।
अभिषेक ने कहा, "पूरे टूर्नामेंट के दौरान सूर्या भाई मेरे साथ रहे। शून्य पर आउट होने के बाद भी उन्होंने मुझसे साफ कहा था कि अपना स्वाभाविक खेल खेलो और नतीजे की परवाह मत करो। कप्तान से इस तरह का समर्थन मिलना काफी अंतर पैदा करता है। मैं इस दौरान युवी पाजी (युवराज सिंह) से भी लगातार बात कर रहा था। वह ऐसे शख्स हैं जिनके पास मैं एक ईमानदार सलाह के लिए जा सकता हूं। उनका संदेश साफ था 'तुम एक खिलाड़ी के तौर पर कैसे हो इसे मत बदलो'। उन्होंने मुझसे कहा था कि आक्रामक खिलाड़ियों के साथ इस तरह का दौरा आता है, लेकिन अगर तुम अपनी ताकत पर टिके रहे तो रन आएंगे।"
वर्ल्ड कप से मिली अहम सीख
अभिषेक ने कहा कि इस वर्ल्ड कप से उन्हें एक अहम सीख मिली है और वो ये है कि एक इंसान के लिए मानसिक मजबूती कितनी जरूरी है। अभिषेक ने कहा, "वर्ल्ड कप आपको बहुत जल्दी सिखाता है कि मानसिक मजबूती और प्रोसेस में बने रहना कितनी जरूरी है। मेरे लिए सबसे बड़ी सीख ये रही कि मैं संतुलित कैसे रह सकता हूं, एक अच्छी पारी के बाद बहुत ज्यादा ऊपर न चढ़ जाना और एक बुरी पारी के बाद ज्यादा हताश न होना।"
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन शुरुआती मैचों में निराशाजनक रहा, लेकिन फाइनल में उन्होंने अर्धशतक जड़कर भारत को जीत दिलाई। उन्होंने अ ...और पढ़ें
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अभिषेक शर्मा ने फाइनल में जड़ा अर्धशतक
अभिषेक शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप-2026 के फाइनल में जड़ा अर्धशतक
शुरुआती मैचों में फेल रहे थे अभिषेक शर्मा
लगातार तीन मैचों में खाता नहीं खोल पाए थे अभिषेक
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा जब टी20 वर्ल्ड कप-2026 में जा रहे थे तो उम्मीद थी कि उनके बल्ले से तूफानी पारियां निकलेंगी। हालांकि, ऐसा हुआ नहीं। उनका बल्ला शांत रहा और वह लगातार फेल होते रहे। अंत में जाकर फाइनल में उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेली जिसने भारत को विजयी बनाया। इस खिताबी जीत के बाद अभिषेक ने अपने बुरे समय को याद किया है और बताया कि तीन लोगों ने उनकी बुरे दौर में मदद की। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने वर्ल्ड कप से मिली सीख को भी याद किया है।
वर्ल्ड कप में जाने से पहले यह बल्लेबाज तूफानी फॉर्म में था। अपनी उस फॉर्म को अभिषेक वर्ल्ड कप में दोहरा नहीं पाए। वह लगातार तीन मैचों में बिना खाता खोले आउट हुए। इस दौरान टीम मैनेजमेंट ने उनका साथ दिया और नतीजा ये रहा कि फाइनल जैसे बड़े मैच में उनके बल्ले से अर्धशतक निकला। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए खिताबी मुकाबले में उन्होंने 52 रन बनाए और महज 18 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया।
इन तीनों ने की मदद
अभिषेक ने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए बताया कि बुरे समय के दौरान उनकी तीन लोगों ने काफी मदद की और उन पर भरोसा बनाए रखा। अभिषेक ने कहा कि कोच गौतम गंभीर, कप्तान सूर्यकुमार यादव और उनके मेंटर युवराज सिंह उनके साथ खड़े रहे।
अभिषेक ने कहा, "पूरे टूर्नामेंट के दौरान सूर्या भाई मेरे साथ रहे। शून्य पर आउट होने के बाद भी उन्होंने मुझसे साफ कहा था कि अपना स्वाभाविक खेल खेलो और नतीजे की परवाह मत करो। कप्तान से इस तरह का समर्थन मिलना काफी अंतर पैदा करता है। मैं इस दौरान युवी पाजी (युवराज सिंह) से भी लगातार बात कर रहा था। वह ऐसे शख्स हैं जिनके पास मैं एक ईमानदार सलाह के लिए जा सकता हूं। उनका संदेश साफ था 'तुम एक खिलाड़ी के तौर पर कैसे हो इसे मत बदलो'। उन्होंने मुझसे कहा था कि आक्रामक खिलाड़ियों के साथ इस तरह का दौरा आता है, लेकिन अगर तुम अपनी ताकत पर टिके रहे तो रन आएंगे।"
वर्ल्ड कप से मिली अहम सीख
अभिषेक ने कहा कि इस वर्ल्ड कप से उन्हें एक अहम सीख मिली है और वो ये है कि एक इंसान के लिए मानसिक मजबूती कितनी जरूरी है। अभिषेक ने कहा, "वर्ल्ड कप आपको बहुत जल्दी सिखाता है कि मानसिक मजबूती और प्रोसेस में बने रहना कितनी जरूरी है। मेरे लिए सबसे बड़ी सीख ये रही कि मैं संतुलित कैसे रह सकता हूं, एक अच्छी पारी के बाद बहुत ज्यादा ऊपर न चढ़ जाना और एक बुरी पारी के बाद ज्यादा हताश न होना।"
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