कोलकाता में भारत-वेस्टइंडीज होंगे आमने-सामने, ईडन गार्डन में बरसेंगे रन
कोलकाता में भारत-वेस्टइंडीज होंगे आमने-सामने, ईडन गार्डन में बरसेंगे रन
भारत और वेस्टइंडीज के बीच कोलकाता के ईडन गार्डेंस में सुपर-8 का अहम मुकाबला रविवार को खेला जाएगा। यह मैच क्वार्टर फाइनल जैसा है, जिसमें जीतने वाली टीम ...और पढ़ें
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चेन्नई में जिम्बाब्वे को 72 रन से हराने के बाद भारतीय टीम का काफिला पहुंच चुका है कोलकाता, जहां के ऐतिहासिक ईडन गार्डेंस स्टेडियम में रविवार को सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम अंतिम सुपर-8 के मुकाबले में 2012 और 2016 की चैंपियन वेस्टइंडीज से भिड़ेगी। ये मुकाबला अब क्वार्टर फाइनल जैसा हो गया है यानी जो टीम जीती वो सेमीफाइनल में जाएगी और हारने वाली टीम का सफर समाप्त हो जाएगा।
इस अहम मुकाबले के लिए वही पिच चुनी गई है, जिस पर टूर्नामेंट का पहला 200 से अधिक का स्कोर बना था। स्कॉटलैंड ने इसी 11 गज की पट्टी पर इटली के विरुद्ध चार विकेट पर 207 का विशाल स्कोर खड़ा किया था।
पिच क्यूरेटर ने दिए संकेत
ईडन गार्डेंस की इस पिच को लेकर स्थानीय क्यूरेटर सुजान मुखर्जी ने संकेत दिया है कि यह रनों से भरी पारंपरिक ईडन पिच होगी, लेकिन गेंदबाजों के लिए भी इसमें कुछ मदद मौजूद रहेगी। शुक्रवार शाम क्रिकेट संघ अध्यक्ष सौरव गांगुली ने मुख्य क्यूरेटर आशीष भौमिक के साथ पिच का निरीक्षण किया। गांगुली ने दोनों सिरों से पिच की मजबूती जांची और सतह का बारीकी से अवलोकन किया। सूत्रों के अनुसार, वह तैयारी से संतुष्ट दिखे।
इस मैदान पर नौ फरवरी को खेले गए मुकाबले में स्कॉटलैंड ने इटली के खिलाफ 207 रन बनाए थे और बाद में इटली को 134 पर समेट दिया था। उस मैच में ऑफ स्पिनर माइकल लीस्क ने चार विकेट पर लिए थे। इससे स्पष्ट है कि सतह सूखी रहने पर स्पिनरों की भूमिका अहम हो सकती है। हालांकि, ईडन की पिच अपनी उछाल और कैरी के लिए भी जानी जाती है। इंग्लैंड के मैचों में यह साफ दिखा था, जब तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने यहां की परिस्थितियों का भरपूर फायदा उठाया था। ऐसे में भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और बाएं हाथ के तेज अर्शदीप सिंह भी आत्मविश्वास से भरे होंगे।
वेस्टइंडीज कोलकाता में खेल चुकी है दो मुकाबले
हार्दिक पंड्या की ऑलराउंड क्षमता भी टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। भारत इस संस्करण में पहली बार ईडन गार्डेंस पर उतरेगा, जबकि वेस्टइंडीज को यहां दो ग्रुप मैच खेलने का अनुभव है। कैरेबियाई टीम ने स्कॉटलैंड और इटली के खिलाफ यहां जीत दर्ज की थी, जिससे उन्हें परिस्थितियों की बेहतर समझ का हल्का लाभ मिल सकता है।
रनों और रोमांच से भरपूर ईडन गार्डेंस एक बार फिर बड़े मुकाबले का गवाह बनने को तैयार है। पिच का स्वभाव संतुलित दिख रहा है, जहां बल्लेबाज खुलकर खेल सकते हैं, लेकिन अनुशासित गेंदबाजी भी निर्णायक भूमिका निभा सकती है। ऐसे में रविवार की शाम क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांच और रणनीति का अद्भुत संगम लेकर आएगी।
10 साल पहले वेस्टइंडीज पहले दे चुका है जख्म
भले ही दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध पिछले मैच में वेस्टइंडीज को नौ विकेट से करारी हार मिली है, लेकिन भारतीय टीम कैरेबियाई टीम को हल्के में लेने की भूल नहीं करेगी। 10 साल पहले वेस्टइंडीज ने भारत को वो जख्म दिया था, जिसका दर्द आज भी ताजा है। 2016 का टी-20 विश्व कप सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज ने भारत को सात विकेट से हराकर उसका घर पर चैंपियन बनने का सपना तोड़ा था।
धोनी की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने 192 रन बनाए थे। स्कोर कम नहीं था, लेकिन वेस्टइंडीज की मजबूत बल्लेबाजी ने इस स्कोर को बौना साबित कर दिया। लेंडल सिमंस और आंद्रे रसेल ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए न सिर्फ मैच जीता था, बल्कि भारत का घरेलू दर्शकों के सामने ट्राफी उठाने का सपना भी तोड़ा था। वेस्टइंडीज इंग्लैंड को हराकर चैंपियन बनी थी। उस समय टीम के कप्तान रहे डेरन सैमी मौजूदा समय में टीम के हेड कोच हैं।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच कोलकाता के ईडन गार्डेंस में सुपर-8 का अहम मुकाबला रविवार को खेला जाएगा। यह मैच क्वार्टर फाइनल जैसा है, जिसमें जीतने वाली टीम ...और पढ़ें

चेन्नई में जिम्बाब्वे को 72 रन से हराने के बाद भारतीय टीम का काफिला पहुंच चुका है कोलकाता, जहां के ऐतिहासिक ईडन गार्डेंस स्टेडियम में रविवार को सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम अंतिम सुपर-8 के मुकाबले में 2012 और 2016 की चैंपियन वेस्टइंडीज से भिड़ेगी। ये मुकाबला अब क्वार्टर फाइनल जैसा हो गया है यानी जो टीम जीती वो सेमीफाइनल में जाएगी और हारने वाली टीम का सफर समाप्त हो जाएगा।
इस अहम मुकाबले के लिए वही पिच चुनी गई है, जिस पर टूर्नामेंट का पहला 200 से अधिक का स्कोर बना था। स्कॉटलैंड ने इसी 11 गज की पट्टी पर इटली के विरुद्ध चार विकेट पर 207 का विशाल स्कोर खड़ा किया था।
पिच क्यूरेटर ने दिए संकेत
ईडन गार्डेंस की इस पिच को लेकर स्थानीय क्यूरेटर सुजान मुखर्जी ने संकेत दिया है कि यह रनों से भरी पारंपरिक ईडन पिच होगी, लेकिन गेंदबाजों के लिए भी इसमें कुछ मदद मौजूद रहेगी। शुक्रवार शाम क्रिकेट संघ अध्यक्ष सौरव गांगुली ने मुख्य क्यूरेटर आशीष भौमिक के साथ पिच का निरीक्षण किया। गांगुली ने दोनों सिरों से पिच की मजबूती जांची और सतह का बारीकी से अवलोकन किया। सूत्रों के अनुसार, वह तैयारी से संतुष्ट दिखे।
इस मैदान पर नौ फरवरी को खेले गए मुकाबले में स्कॉटलैंड ने इटली के खिलाफ 207 रन बनाए थे और बाद में इटली को 134 पर समेट दिया था। उस मैच में ऑफ स्पिनर माइकल लीस्क ने चार विकेट पर लिए थे। इससे स्पष्ट है कि सतह सूखी रहने पर स्पिनरों की भूमिका अहम हो सकती है। हालांकि, ईडन की पिच अपनी उछाल और कैरी के लिए भी जानी जाती है। इंग्लैंड के मैचों में यह साफ दिखा था, जब तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने यहां की परिस्थितियों का भरपूर फायदा उठाया था। ऐसे में भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और बाएं हाथ के तेज अर्शदीप सिंह भी आत्मविश्वास से भरे होंगे।
वेस्टइंडीज कोलकाता में खेल चुकी है दो मुकाबले
हार्दिक पंड्या की ऑलराउंड क्षमता भी टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। भारत इस संस्करण में पहली बार ईडन गार्डेंस पर उतरेगा, जबकि वेस्टइंडीज को यहां दो ग्रुप मैच खेलने का अनुभव है। कैरेबियाई टीम ने स्कॉटलैंड और इटली के खिलाफ यहां जीत दर्ज की थी, जिससे उन्हें परिस्थितियों की बेहतर समझ का हल्का लाभ मिल सकता है।
रनों और रोमांच से भरपूर ईडन गार्डेंस एक बार फिर बड़े मुकाबले का गवाह बनने को तैयार है। पिच का स्वभाव संतुलित दिख रहा है, जहां बल्लेबाज खुलकर खेल सकते हैं, लेकिन अनुशासित गेंदबाजी भी निर्णायक भूमिका निभा सकती है। ऐसे में रविवार की शाम क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांच और रणनीति का अद्भुत संगम लेकर आएगी।
10 साल पहले वेस्टइंडीज पहले दे चुका है जख्म
भले ही दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध पिछले मैच में वेस्टइंडीज को नौ विकेट से करारी हार मिली है, लेकिन भारतीय टीम कैरेबियाई टीम को हल्के में लेने की भूल नहीं करेगी। 10 साल पहले वेस्टइंडीज ने भारत को वो जख्म दिया था, जिसका दर्द आज भी ताजा है। 2016 का टी-20 विश्व कप सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज ने भारत को सात विकेट से हराकर उसका घर पर चैंपियन बनने का सपना तोड़ा था।
धोनी की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने 192 रन बनाए थे। स्कोर कम नहीं था, लेकिन वेस्टइंडीज की मजबूत बल्लेबाजी ने इस स्कोर को बौना साबित कर दिया। लेंडल सिमंस और आंद्रे रसेल ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए न सिर्फ मैच जीता था, बल्कि भारत का घरेलू दर्शकों के सामने ट्राफी उठाने का सपना भी तोड़ा था। वेस्टइंडीज इंग्लैंड को हराकर चैंपियन बनी थी। उस समय टीम के कप्तान रहे डेरन सैमी मौजूदा समय में टीम के हेड कोच हैं।
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