अमेरिका में कोलंबिया यूनिवर्सिटी की छात्रा गिरफ्तार, ममदानी के दखल के बाद ट्रंप ने दिए रिहाई के आदेश
अमेरिका में कोलंबिया यूनिवर्सिटी की छात्रा गिरफ्तार, ममदानी के दखल के बाद ट्रंप ने दिए रिहाई के आदेश
कोलंबिया यूनिवर्सिटी की छात्रा एली अघायेवा को फेडरल इमिग्रेशन एजेंट्स ने गिरफ्तार किया, जिससे कैंपस में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। ...और पढ़ें

अमेरिका के फेडरल इमिग्रेशन एजेंट्स ने गुरुवार, 26 फरवरी की सुबह कोलंबिया यूनिवर्सिटी की एक स्टूडेंट एली अघायेवा को गिरफ्तार कर लिया। एली अघायेवा की गिरफ्तारी के बाद कैंपस में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
फेडरल इमिग्रेशन एजेंट्स पर आरोप लगे कि एजेंट पुलिस अफसर बनकर यूनिवर्सिटी में घुस गए। वे एक लापता बच्चे की तलाश करने के बहाने से कैंपस में दाखिल हुए।
ममदानी ने कराई छा की रिहाई
कोलंबिया यूनिवर्सिटी की छात्रा को हिरासत में लेने के कुछ ही घंटों बाद इमिग्रेशन एजेंट्स ने अपना फैसला बदल लिया। इस मामले में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के दखल के बाद एली अघायेवा को छोड़ दिया गया।
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने सोशल मीडिया पर गुरुवार को पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ एक अलग मीटिंग के दौरान गिरफ्तारी पर चिंता जताई, जिसके बाद ट्रंप ने छात्रा को तुरंत रिहा करने का आदेश दे दिया।
ममदानी के पोस्ट के कुछ मिनट बाद कोलंबिया यूनिवर्सिटी की छात्रा अघायेवा ने इंस्टाग्राम पर अपनी रिहाई की पुष्टि की। एली अघायेवा ने इंस्टाग्राम पर बताया, 'मैं सुरक्षित और ठीक हूं, लेकिन इस अनुभव से पूरी तरह सदमे में हूं।'
ममदानी ने की केस वापस लेने की अपील
ममदानी ने राष्ट्रपति ट्रंप से इजरायल के खिलाफ प्रोटेस्ट में अपनी भूमिका के लिए डिपोर्टेशन का सामना कर रहे कई दूसरे मौजूदा और पुराने स्टूडेंट्स के खिलाफ केस वापस लेने की भी अपील की।
अघायेवा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर 100,000 से ज्यादा फॉलोअर्स को एक मैसेज भेजा, जिसमें लिखा, 'DHS ने मुझे गैर-कानूनी तरीके से गिरफ्तार किया है। प्लीज मदद करें।' पोस्ट के साथ एक फोटो में उनके पैर एक गाड़ी की पिछली सीट पर दिख रहे थे।
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के प्रवक्ता ने बताया, अघायेवा का स्टूडेंट वीजा 2016 में क्लास में न आने की वजह से खत्म कर दिया गया था। कोलंबिया से उनके वीजा स्टेटस और वह कितने समय से यूनिवर्सिटी में एनरोल्ड थीं, इस बारे में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया।
अघायेवा के वकीलों ने पिटीशन कहा कि वह 2016 में या उसके आसपास वीजा पर अमेरिका आई थीं। उन्होंने उनके इमिग्रेशन स्टेटस के बारे में डिटेल्स समेत और कोई कमेंट करने से मना कर दिया।
कोलंबिया यूनिवर्सिटी की छात्रा एली अघायेवा को फेडरल इमिग्रेशन एजेंट्स ने गिरफ्तार किया, जिससे कैंपस में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। ...और पढ़ें

अमेरिका के फेडरल इमिग्रेशन एजेंट्स ने गुरुवार, 26 फरवरी की सुबह कोलंबिया यूनिवर्सिटी की एक स्टूडेंट एली अघायेवा को गिरफ्तार कर लिया। एली अघायेवा की गिरफ्तारी के बाद कैंपस में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
फेडरल इमिग्रेशन एजेंट्स पर आरोप लगे कि एजेंट पुलिस अफसर बनकर यूनिवर्सिटी में घुस गए। वे एक लापता बच्चे की तलाश करने के बहाने से कैंपस में दाखिल हुए।
ममदानी ने कराई छा की रिहाई
कोलंबिया यूनिवर्सिटी की छात्रा को हिरासत में लेने के कुछ ही घंटों बाद इमिग्रेशन एजेंट्स ने अपना फैसला बदल लिया। इस मामले में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के दखल के बाद एली अघायेवा को छोड़ दिया गया।
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने सोशल मीडिया पर गुरुवार को पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ एक अलग मीटिंग के दौरान गिरफ्तारी पर चिंता जताई, जिसके बाद ट्रंप ने छात्रा को तुरंत रिहा करने का आदेश दे दिया।
ममदानी के पोस्ट के कुछ मिनट बाद कोलंबिया यूनिवर्सिटी की छात्रा अघायेवा ने इंस्टाग्राम पर अपनी रिहाई की पुष्टि की। एली अघायेवा ने इंस्टाग्राम पर बताया, 'मैं सुरक्षित और ठीक हूं, लेकिन इस अनुभव से पूरी तरह सदमे में हूं।'
ममदानी ने की केस वापस लेने की अपील
ममदानी ने राष्ट्रपति ट्रंप से इजरायल के खिलाफ प्रोटेस्ट में अपनी भूमिका के लिए डिपोर्टेशन का सामना कर रहे कई दूसरे मौजूदा और पुराने स्टूडेंट्स के खिलाफ केस वापस लेने की भी अपील की।
अघायेवा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर 100,000 से ज्यादा फॉलोअर्स को एक मैसेज भेजा, जिसमें लिखा, 'DHS ने मुझे गैर-कानूनी तरीके से गिरफ्तार किया है। प्लीज मदद करें।' पोस्ट के साथ एक फोटो में उनके पैर एक गाड़ी की पिछली सीट पर दिख रहे थे।
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के प्रवक्ता ने बताया, अघायेवा का स्टूडेंट वीजा 2016 में क्लास में न आने की वजह से खत्म कर दिया गया था। कोलंबिया से उनके वीजा स्टेटस और वह कितने समय से यूनिवर्सिटी में एनरोल्ड थीं, इस बारे में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया।
अघायेवा के वकीलों ने पिटीशन कहा कि वह 2016 में या उसके आसपास वीजा पर अमेरिका आई थीं। उन्होंने उनके इमिग्रेशन स्टेटस के बारे में डिटेल्स समेत और कोई कमेंट करने से मना कर दिया।
Labels
Videsh
Post A Comment
No comments :