भारत-बांग्लादेश को मिलकर करना होगा काम', चुनाव से पहले जमात-ए-इस्लामी नेता के तेवर हुए नरम
भारत-बांग्लादेश को मिलकर करना होगा काम', चुनाव से पहले जमात-ए-इस्लामी नेता के तेवर हुए नरम
बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होने हैं, जिसमें नई सरकार चुनी जाएगी। अगस्त 2024 से मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार है। मुख्य दावेदार बांग् ...और पढ़ें
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बांग्लादेश में 12 फरवरी को होंगे चुनाव (फोटो-रॉयटर्स)
बांग्लादेश में 12 फरवरी को नई सरकार के लिए चुनाव।
जमात-ए-इस्लामी और BNP प्रमुख दावेदार मैदान में।
मीर अहमद अरमान ने भारत संग काम करने की बात कही।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होने वाले हैं। अगस्त 2024 से, बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली एक अंतरिम सरकार चल रही है, क्योंकि शेख हसीना के नेतृत्व वाली पिछली सरकार जुलाई 2024 में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के चलते हटा दी गई थी।
साउथ एशिया के सबसे जरूरी चुनावों में से एक बांग्लादेश में नई सरकार चुनने के लिए 12 फरवरी को वोटिंग होगी। इससे पहले जमात-ए-इस्लामी के नेता ने भारत के साथ काम करने की बात कही है।
बांग्लादेश में चुनाव
बांग्लादेश के चुनाव में दो दावेदार सबसे आगे हैं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी। समाज के सभी वर्गों के वोटरों को लुभाने के लिए दोनों ही पार्टी कोशिश कर रही हैं।
जमात-ए-इस्लामी के एक अहम उम्मीदवार बैरिस्टर मीर अहमद बिन कासिम अरमान ने एनडीवी को दिए इंटरव्यू में कहा, 'हम दोबारा फासीवाद नहीं चाहते। मैं जबरदस्ती गायब किए जाने का शिकार हुआ था। मुझे उम्मीद है कि रेफरेंडम में 'हाँ' की जीत होगी।'
अरमान एक हाई-प्रोफाइल चुनाव लड़ रहे हैं। बांग्लादेश में ज़बरदस्ती गायब किए जाने का शिकार हुए अरमान, BNP की संजीदा इस्लाम, जिन्हें तुली के नाम से जाना जाता है, उनके खिलाफ चुनाव मैदान में हैं।
भारत के साथ काम करना चाहते हैं अरमान
मीर अहमद बिन कासिम अरमान ने चुनाव में जीत हासिल करने के बाद भारत के साथ काम करने की बात कही है। अरमान ने कहा, 'भारत और बांग्लादेश एक-दूसरे के लिए बहुत जरूरी हैं, और हमें मिलकर काम करना होगा।'
जमात अमीर डॉ. शफीकुर रहमान कहते हैं, 'सिर्फ एक साल पहले, मेरी पार्टी को मामूली माना जा रहा था और उम्मीद थी कि वह कुछ ही सीटें जीतेगी। आज जमात बहुमत के करीब है, यह लोगों की मर्जी है। जब लोग एकजुट हो जाते हैं, तो उन्हें कोई नहीं रोक सकता।'
डॉ. शफीकुर रहमान ने आगे कहा, 'बांग्लादेश को मैं एक ऐसा मॉडर्न देश बनाना चाहता हूं, जो मैच्योर हो और राज करने के लिए तैयार हो।'
बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होने हैं, जिसमें नई सरकार चुनी जाएगी। अगस्त 2024 से मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार है। मुख्य दावेदार बांग् ...और पढ़ें
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बांग्लादेश में 12 फरवरी को होंगे चुनाव (फोटो-रॉयटर्स)
बांग्लादेश में 12 फरवरी को नई सरकार के लिए चुनाव।
जमात-ए-इस्लामी और BNP प्रमुख दावेदार मैदान में।
मीर अहमद अरमान ने भारत संग काम करने की बात कही।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होने वाले हैं। अगस्त 2024 से, बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली एक अंतरिम सरकार चल रही है, क्योंकि शेख हसीना के नेतृत्व वाली पिछली सरकार जुलाई 2024 में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के चलते हटा दी गई थी।
साउथ एशिया के सबसे जरूरी चुनावों में से एक बांग्लादेश में नई सरकार चुनने के लिए 12 फरवरी को वोटिंग होगी। इससे पहले जमात-ए-इस्लामी के नेता ने भारत के साथ काम करने की बात कही है।
बांग्लादेश में चुनाव
बांग्लादेश के चुनाव में दो दावेदार सबसे आगे हैं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी। समाज के सभी वर्गों के वोटरों को लुभाने के लिए दोनों ही पार्टी कोशिश कर रही हैं।
जमात-ए-इस्लामी के एक अहम उम्मीदवार बैरिस्टर मीर अहमद बिन कासिम अरमान ने एनडीवी को दिए इंटरव्यू में कहा, 'हम दोबारा फासीवाद नहीं चाहते। मैं जबरदस्ती गायब किए जाने का शिकार हुआ था। मुझे उम्मीद है कि रेफरेंडम में 'हाँ' की जीत होगी।'
अरमान एक हाई-प्रोफाइल चुनाव लड़ रहे हैं। बांग्लादेश में ज़बरदस्ती गायब किए जाने का शिकार हुए अरमान, BNP की संजीदा इस्लाम, जिन्हें तुली के नाम से जाना जाता है, उनके खिलाफ चुनाव मैदान में हैं।
भारत के साथ काम करना चाहते हैं अरमान
मीर अहमद बिन कासिम अरमान ने चुनाव में जीत हासिल करने के बाद भारत के साथ काम करने की बात कही है। अरमान ने कहा, 'भारत और बांग्लादेश एक-दूसरे के लिए बहुत जरूरी हैं, और हमें मिलकर काम करना होगा।'
जमात अमीर डॉ. शफीकुर रहमान कहते हैं, 'सिर्फ एक साल पहले, मेरी पार्टी को मामूली माना जा रहा था और उम्मीद थी कि वह कुछ ही सीटें जीतेगी। आज जमात बहुमत के करीब है, यह लोगों की मर्जी है। जब लोग एकजुट हो जाते हैं, तो उन्हें कोई नहीं रोक सकता।'
डॉ. शफीकुर रहमान ने आगे कहा, 'बांग्लादेश को मैं एक ऐसा मॉडर्न देश बनाना चाहता हूं, जो मैच्योर हो और राज करने के लिए तैयार हो।'
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