हाथियों के हमलों को रोकने लिए हेमंत सोरेन ने बनाया मास्टर प्लान, प्रभावित क्षेत्रों में बनेगा 'एलिफेंट कॉरिडोर'
हाथियों के हमलों को रोकने लिए हेमंत सोरेन ने बनाया मास्टर प्लान, प्रभावित क्षेत्रों में बनेगा 'एलिफेंट कॉरिडोर'
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाथियों के बढ़ते हमलों और मौतों पर वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने जंगली हाथियों के हमलों को रोकने और जान-म ...और पढ़ें

हाथी हमलों से मौतें रोकने को सीएम ने दिए निर्देश।
मृतकों के परिजनों को 12 दिन में मिलेगा मुआवजा।
एलिफेंट कॉरिडोर की मैपिंग, ग्रामीणों को प्रशिक्षण व उपकरण।
राज्य ब्यूरो,रांची। राज्य में हाथियों के हमले बढ़ने और इससे हो रही मौतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को वन एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारियों संग बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जंगली हाथियों के हमलों को हर हाल में रोकने और जान माल की सुरक्षा का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि हाथियों के हमले से एक भी इंसान की मृत्यु न हो यह वन विभाग सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चाईबासा, जमशेदपुर, लोहरदगा, गुमला, दुमका जैसे जिलों में हाथियों के हमलों से पिछले कुछ महीनों में लगभग 27 लोगों की मृत्यु को गंभीर बताया।
उन्होंने हाथी के हमले में मृत व्यक्ति के स्वजनों को 12 दिनों में मुआवजा देने का सख्त निर्देश दिया।
ग्रामीणों को हाथी भगाने के लिए सुविधा दे वन विभाग
मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि ग्रामीणों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण देकर एलीफेंट रेस्क्यू टीम तैयार की जाए। ग्रामीण क्षेत्र से हाथी के विचलन को रोकने के लिए तमाम उपाय किए जाएं।
उन्होंने ग्रामीणों को मशाल जलाने के लिए डीजल एवं केरोसिन तेल, पुराने टायर, टॉर्च, सोलर सायरन इत्यादि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया ताकि हाथी भगाने में सहूलियत हो सके। वन विभाग प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर जागरूकता अभियान और सुरक्षा के जरूरी उपाय करने की भी उन्होंने सलाह दी।
एलिफेंट कॉरिडोर की मैपिंग
मुख्यमंत्री ने पिछले 5 वर्ष में हुए मौत की संख्या एवं मुआवजा से संबंधित डेटा राज्य सरकार को उपलब्ध कराने का निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर सभी एलिफेंट कॉरिडोर की मैपिंग की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी पी, पीसीसीएफ संजीव कुमार, पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) रवि रंजन, सीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) एसआर नाटेश, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाथियों के बढ़ते हमलों और मौतों पर वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने जंगली हाथियों के हमलों को रोकने और जान-म ...और पढ़ें

हाथी हमलों से मौतें रोकने को सीएम ने दिए निर्देश।
मृतकों के परिजनों को 12 दिन में मिलेगा मुआवजा।
एलिफेंट कॉरिडोर की मैपिंग, ग्रामीणों को प्रशिक्षण व उपकरण।
राज्य ब्यूरो,रांची। राज्य में हाथियों के हमले बढ़ने और इससे हो रही मौतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को वन एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारियों संग बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जंगली हाथियों के हमलों को हर हाल में रोकने और जान माल की सुरक्षा का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि हाथियों के हमले से एक भी इंसान की मृत्यु न हो यह वन विभाग सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चाईबासा, जमशेदपुर, लोहरदगा, गुमला, दुमका जैसे जिलों में हाथियों के हमलों से पिछले कुछ महीनों में लगभग 27 लोगों की मृत्यु को गंभीर बताया।
उन्होंने हाथी के हमले में मृत व्यक्ति के स्वजनों को 12 दिनों में मुआवजा देने का सख्त निर्देश दिया।
ग्रामीणों को हाथी भगाने के लिए सुविधा दे वन विभाग
मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि ग्रामीणों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण देकर एलीफेंट रेस्क्यू टीम तैयार की जाए। ग्रामीण क्षेत्र से हाथी के विचलन को रोकने के लिए तमाम उपाय किए जाएं।
उन्होंने ग्रामीणों को मशाल जलाने के लिए डीजल एवं केरोसिन तेल, पुराने टायर, टॉर्च, सोलर सायरन इत्यादि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया ताकि हाथी भगाने में सहूलियत हो सके। वन विभाग प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर जागरूकता अभियान और सुरक्षा के जरूरी उपाय करने की भी उन्होंने सलाह दी।
एलिफेंट कॉरिडोर की मैपिंग
मुख्यमंत्री ने पिछले 5 वर्ष में हुए मौत की संख्या एवं मुआवजा से संबंधित डेटा राज्य सरकार को उपलब्ध कराने का निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर सभी एलिफेंट कॉरिडोर की मैपिंग की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी पी, पीसीसीएफ संजीव कुमार, पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) रवि रंजन, सीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) एसआर नाटेश, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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