69 साल पहले Manna Dey ने रिश्वत लेकर गाया था सुपरहिट गाना, आज भी है अमर
69 साल पहले Manna Dey ने रिश्वत लेकर गाया था सुपरहिट गाना, आज भी है अमर
महान गायक मन्ना डे को संगीतकार मदन मोहन ने 1957 की फिल्म 'देख कबीरा रोया' के गीत 'कौन आया मेरे मन के द्वारे' के लिए एक अनोखी रिश्वत दी थी। मदन मोहन ने ...और पढ़ें

मन्ना डे को मदन मोहन ने अनोखी रिश्वत दी
'कौन आया मेरे मन के द्वारे' गीत का किस्सा
मटन भिंडी की दावत से बना अमर गाना
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। महान गायक मन्ना डे (Manna Dey) की आवाज बॉलीवुड फिल्मों में बैकग्राउंड सिंगिंग की वो आवाज थी जो ना सिर्फ दिलों की गहराईयों की छूती थी बल्कि सीधे दिलों में बस जाती थी। कठिन बंदिशों से लेकर देशभक्ति के तराने हों, कव्वाली या फिर रोमांटिक गाने, मन्ना डे के स्वर ने इन सभी में जान फूंकने का काम किया।
हर मूड, हर राग और हर रंग के गानों में मन्ना डे ने अपनी अलग छाप छोड़ी। ये दुर्भाग्य की बात है कि मन्ना डे को 80 के दशक में उनकी क्षमता वाले गाने नहीं मिले लेकिन ये बात हर कोई जानता था कि जो कमाल मन्ना डे कर सकते हैं वो कोई और नहीं कर सकता।
मदन मोहन ने अपनाया शानदार तरीका
मन्ना डे खुद नए किस्म के गीत गाने के लिए बहुत उत्सुक रहते थे मगर हर सिंगर की तरह उनकी अपनी च्वाइस भी थी। इसलिए एक बार जब महान संगीतकार मदन मोहन ने मन्ना डे के मिजाज के मुताबिक एक कठिन गाना बनाया तो उन्होंने इसके लिए एक दिलचस्प तरीका अपनाया। उन्होंने मन्ना डे को इसके लिए घूस दिया।
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ये रिश्वत इतनी दिलचस्प थी कि इसे पाने के लिए मन्ना डे भी बेचैन हो गए और इसे पाने के लिए मदन मोहन के घर पहुंच गए। इस घूस का नतीजा कितना सुरीला निकला और क्या थी ये घूस?
लता मंगेशकर के साथ गए कई गाने
हम बात कर रहे हैं 1957 की फिल्म 'देख कबीरा रोया' की। उसके निर्देशक थे अमेय चक्रवर्ती और संगीत दिया था मदन मोहन ने। इस फिल्म का आधार थी एक दिलचस्प कहानी और शानदार संगीत। उस वक्त मदन मोहन लता मंगेशकर के साथ कई हिट गाने गा चुके थे लेकिन उनके लिए कहा जाता था कि वो महिलाओं के लिए ही गाने गाते हैं।
हम बात कर रहे हैं गाने कौन आया मेरे मन के द्वारे जोकि अनूप कुमार पर फिल्माया गया था। अनूप कुमार ने इसमें एक सीरियस शायर का रोल निभाया था। संगीतकार को एक ऐसा गायक चाहिए था जो उसके राग की आत्मा को समझ सके। उन दिनों मोहम्मद रफी, किशोर दा मुख्यधारा के संगीतकार थे जबकि मन्ना डे अक्सर सेकेंड च्वाइस माने जाते थे। मदन मोहन ने मन्ना डे को इस गाने का प्रपोजल देने का एक मजेदार तरीका सोचा।
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काम आई मदन मोहन की चाल
मदन मोहन ने मन्ना डे को फोन करके पूछा कि क्या कर रहे हो। मन्ना डे बोले कुछ नहीं। इस पर मदन मोहन ने उन्हें अपने घर बुलाया ये कहते हुए कि आओ तुम्हें दावत देते हैं मटन भिंडी की। ये बात हर कोई जानता था कि मदन मोहन खाना लाजवाब बनाते हैं इसलिए वो खुद को रोक नहीं पाए। मन्ना डे बांद्रा स्थित अपने घर से पैडर रोड मदन मोहन के घर चल दिए।
पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत हुआ और वादे की मुताबिक मदन मोहन ने उन्हें भिंडी मटन बनाकर खिलाया। इस तरह एक रिश्वत से बने गीत ने हिंदी सिनेमा की शास्त्रीयता को लोकप्रियता से जोड़ दिया।
महान गायक मन्ना डे को संगीतकार मदन मोहन ने 1957 की फिल्म 'देख कबीरा रोया' के गीत 'कौन आया मेरे मन के द्वारे' के लिए एक अनोखी रिश्वत दी थी। मदन मोहन ने ...और पढ़ें

मन्ना डे को मदन मोहन ने अनोखी रिश्वत दी
'कौन आया मेरे मन के द्वारे' गीत का किस्सा
मटन भिंडी की दावत से बना अमर गाना
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। महान गायक मन्ना डे (Manna Dey) की आवाज बॉलीवुड फिल्मों में बैकग्राउंड सिंगिंग की वो आवाज थी जो ना सिर्फ दिलों की गहराईयों की छूती थी बल्कि सीधे दिलों में बस जाती थी। कठिन बंदिशों से लेकर देशभक्ति के तराने हों, कव्वाली या फिर रोमांटिक गाने, मन्ना डे के स्वर ने इन सभी में जान फूंकने का काम किया।
हर मूड, हर राग और हर रंग के गानों में मन्ना डे ने अपनी अलग छाप छोड़ी। ये दुर्भाग्य की बात है कि मन्ना डे को 80 के दशक में उनकी क्षमता वाले गाने नहीं मिले लेकिन ये बात हर कोई जानता था कि जो कमाल मन्ना डे कर सकते हैं वो कोई और नहीं कर सकता।
मदन मोहन ने अपनाया शानदार तरीका
मन्ना डे खुद नए किस्म के गीत गाने के लिए बहुत उत्सुक रहते थे मगर हर सिंगर की तरह उनकी अपनी च्वाइस भी थी। इसलिए एक बार जब महान संगीतकार मदन मोहन ने मन्ना डे के मिजाज के मुताबिक एक कठिन गाना बनाया तो उन्होंने इसके लिए एक दिलचस्प तरीका अपनाया। उन्होंने मन्ना डे को इसके लिए घूस दिया।
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ये रिश्वत इतनी दिलचस्प थी कि इसे पाने के लिए मन्ना डे भी बेचैन हो गए और इसे पाने के लिए मदन मोहन के घर पहुंच गए। इस घूस का नतीजा कितना सुरीला निकला और क्या थी ये घूस?
लता मंगेशकर के साथ गए कई गाने
हम बात कर रहे हैं 1957 की फिल्म 'देख कबीरा रोया' की। उसके निर्देशक थे अमेय चक्रवर्ती और संगीत दिया था मदन मोहन ने। इस फिल्म का आधार थी एक दिलचस्प कहानी और शानदार संगीत। उस वक्त मदन मोहन लता मंगेशकर के साथ कई हिट गाने गा चुके थे लेकिन उनके लिए कहा जाता था कि वो महिलाओं के लिए ही गाने गाते हैं।
हम बात कर रहे हैं गाने कौन आया मेरे मन के द्वारे जोकि अनूप कुमार पर फिल्माया गया था। अनूप कुमार ने इसमें एक सीरियस शायर का रोल निभाया था। संगीतकार को एक ऐसा गायक चाहिए था जो उसके राग की आत्मा को समझ सके। उन दिनों मोहम्मद रफी, किशोर दा मुख्यधारा के संगीतकार थे जबकि मन्ना डे अक्सर सेकेंड च्वाइस माने जाते थे। मदन मोहन ने मन्ना डे को इस गाने का प्रपोजल देने का एक मजेदार तरीका सोचा।
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काम आई मदन मोहन की चाल
मदन मोहन ने मन्ना डे को फोन करके पूछा कि क्या कर रहे हो। मन्ना डे बोले कुछ नहीं। इस पर मदन मोहन ने उन्हें अपने घर बुलाया ये कहते हुए कि आओ तुम्हें दावत देते हैं मटन भिंडी की। ये बात हर कोई जानता था कि मदन मोहन खाना लाजवाब बनाते हैं इसलिए वो खुद को रोक नहीं पाए। मन्ना डे बांद्रा स्थित अपने घर से पैडर रोड मदन मोहन के घर चल दिए।
पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत हुआ और वादे की मुताबिक मदन मोहन ने उन्हें भिंडी मटन बनाकर खिलाया। इस तरह एक रिश्वत से बने गीत ने हिंदी सिनेमा की शास्त्रीयता को लोकप्रियता से जोड़ दिया।
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Mirchmasala
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