WhatsApp अब सिर्फ चैटिंग के लिए नहीं, मेट्रो टिकट से लेकर सरकारी सर्टिफिकेट तक; सब कुछ हो रहा एक टैप पर
WhatsApp अब सिर्फ चैटिंग के लिए नहीं, मेट्रो टिकट से लेकर सरकारी सर्टिफिकेट तक; सब कुछ हो रहा एक टैप पर
मेट्रो टिकट बुक करने से लेकर बर्थ सर्टिफिकेट डाउनलोड करने और इंश्योरेंस पॉलिसियों को ट्रैक करने तक, WhatsApp भारतीय नागरिकों के लिए अब एक बड़ा डिजिटल ...और पढ़ें
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WhatsApp अब सिर्फ मैसेजिंग एप से काफी आगे निकल गया है।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। WhatsApp एक समय तक केवल लोगों के लिए मैसेजिंग एप था। लेकिन, बीतते वक्त के साथ खासतौर पर कोरोना महामारी के बाद से ये लोगों के कामकाज का भी जरूरी साधन बन गया है। WhatsApp के होने से डिजिटल एक्सेसिबिलिटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। WhatsApp का जाना-पहचाना ग्रीन इंटरफेस अब सिर्फ निजी मैसेजिंग तक ही सीमित नहीं रह गया है; बल्कि ये भारत में जरूरी सार्वजनिक और वित्तीय सेवाओं के लिए एक मुख्य जरिया बन गया है। सरकारी विभाग हो या और प्राइवेट सेक्टर्स। सब नागरिकों तक वहीं पहुंचने के लिए तेजी से मॉडर्न चैटबॉट का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में हम यहां आपको WhatsApp द्वारा शेयर किए गए कुछ आंकड़ों के बारे में बताने जा रहे हैं। जहां आप देख सकते हैं कि WhatsApp का इस्तेमाल कहां-कहां किया जा रहा है।
मेट्रो टिकट
लाखों लोगों का रोजाना का सफर अब ऑटोमेशन के जरिए नए सिरे से डिजाइन किया जा रहा है। सात बड़े मेट्रो नेटवर्क- जिनमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद शामिल हैं। इनमें यात्री अब हर महीने लगभग 70 लाख टिकट सीधे WhatsApp के ज़रिए बुक कर रहे हैं। इस इंटीग्रेशन से टिकट लेने के लिए लगने वाली ट्रेडिशनल कतारें काफी कमी आई है। पुणे, चेन्नई और नागपुर जैसे शहरों में सफर करने के लिए एक बेहद आसान इंटरफेस हो गया है।
एप से हो रहे सरकारी कामकाजकई राज्यों ने 'सुपर-बॉट' लॉन्च किए हैं, जो सैकड़ों सेवाओं को एक ही चैट थ्रेड में समेट देते हैं।
आंध्र प्रदेश (Mana Mitra): 50 मिलियन से ज्यादा नागरिकों को इलेक्ट्रिसिटी बिल पेमेंट और टेंपल बुकिंग समेत 850 सर्विसेज ऑफर करता है।
ओडिशा (Ama Sathi): ये बर्थ, इनकम और फर्टिलाइजर लाइसेंस जैसी 170 सर्विसेज ऑफर करता है और इसका विस्तार करके 500 सर्विसेज उपलब्ध कराने की योजना है।
तमिलनाडु (Namma Arasu): तमिल और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सर्टिफिकेट डाउनलोड, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन और ग्रीवेंस ट्रैकिंग को सक्षम बनाता है।
तेलंगाना (MeeSeva): इसमें 38 अलग-अलग विभागों में 580 से ज्यादा सेवाओं का एक विशाल कैटलॉग शामिल है।
उत्तर प्रदेश (परिवहन सेवाएं): व्हीकल रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस डिटेल, चालान स्टेटस और RTO से संबंधित अन्य सेवाएं।
WhatsApp No: 8005441222

हेल्थ एंड नेशनल वेलफेयर
एडमिनिस्ट्रिटिव पेपरवर्क के अलावा इस प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवा की लागत कम करने और देश के नेतृत्व को जानकारी से अवगत रखने के लिए किया जा रहा है। 'जन औषधि' चैटबॉट का लक्ष्य 40 करोड़ नागरिकों तक पहुंचना है और 18,000 से ज्यादा केंद्रों पर किफायती जेनेरिक दवाओं के स्थान और जानकारी उपलब्ध कराना है। यहां तक कि लोकसभा सचिवालय ने भी सांसदों को वास्तविक समय में ऑफिशियल बुलेटिन और अपडेट देने के लिए एक डेडिकेटेड चैनल अपनाया है, जिससे ये सुनिश्चित होता है कि देश की विधायी प्रक्रिया चुस्त रहे और डिजिटल रूप से जुड़ी रहे।
एक ही थ्रेड में फाइनेंशियल मैनेजमेंट
इसका उपयोग फाइनेंशियल सेक्टर तक भी फैला हुआ है, जहां LIC, HDFC Life और ICICI Prudential जैसी बड़ी बीमा कंपनियां अब यूजर्स को प्रीमियम का पेमेंट करने, पॉलिसी का स्टेटस देखने और यहां तक कि चैट विंडो के जरिए क्लेम शुरू करने की सुविधा देती हैं। इन सभी टचपॉइंट्स को एक साथ लाकर, इस प्लेटफॉर्म ने डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट की पहले की मुश्किल प्रक्रिया को एक आसान और बातचीत जैसी प्रक्रिया में बदल दिया है।
मेट्रो टिकट बुक करने से लेकर बर्थ सर्टिफिकेट डाउनलोड करने और इंश्योरेंस पॉलिसियों को ट्रैक करने तक, WhatsApp भारतीय नागरिकों के लिए अब एक बड़ा डिजिटल ...और पढ़ें
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WhatsApp अब सिर्फ मैसेजिंग एप से काफी आगे निकल गया है।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। WhatsApp एक समय तक केवल लोगों के लिए मैसेजिंग एप था। लेकिन, बीतते वक्त के साथ खासतौर पर कोरोना महामारी के बाद से ये लोगों के कामकाज का भी जरूरी साधन बन गया है। WhatsApp के होने से डिजिटल एक्सेसिबिलिटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। WhatsApp का जाना-पहचाना ग्रीन इंटरफेस अब सिर्फ निजी मैसेजिंग तक ही सीमित नहीं रह गया है; बल्कि ये भारत में जरूरी सार्वजनिक और वित्तीय सेवाओं के लिए एक मुख्य जरिया बन गया है। सरकारी विभाग हो या और प्राइवेट सेक्टर्स। सब नागरिकों तक वहीं पहुंचने के लिए तेजी से मॉडर्न चैटबॉट का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में हम यहां आपको WhatsApp द्वारा शेयर किए गए कुछ आंकड़ों के बारे में बताने जा रहे हैं। जहां आप देख सकते हैं कि WhatsApp का इस्तेमाल कहां-कहां किया जा रहा है।
मेट्रो टिकट
लाखों लोगों का रोजाना का सफर अब ऑटोमेशन के जरिए नए सिरे से डिजाइन किया जा रहा है। सात बड़े मेट्रो नेटवर्क- जिनमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद शामिल हैं। इनमें यात्री अब हर महीने लगभग 70 लाख टिकट सीधे WhatsApp के ज़रिए बुक कर रहे हैं। इस इंटीग्रेशन से टिकट लेने के लिए लगने वाली ट्रेडिशनल कतारें काफी कमी आई है। पुणे, चेन्नई और नागपुर जैसे शहरों में सफर करने के लिए एक बेहद आसान इंटरफेस हो गया है।
एप से हो रहे सरकारी कामकाजकई राज्यों ने 'सुपर-बॉट' लॉन्च किए हैं, जो सैकड़ों सेवाओं को एक ही चैट थ्रेड में समेट देते हैं।
आंध्र प्रदेश (Mana Mitra): 50 मिलियन से ज्यादा नागरिकों को इलेक्ट्रिसिटी बिल पेमेंट और टेंपल बुकिंग समेत 850 सर्विसेज ऑफर करता है।
ओडिशा (Ama Sathi): ये बर्थ, इनकम और फर्टिलाइजर लाइसेंस जैसी 170 सर्विसेज ऑफर करता है और इसका विस्तार करके 500 सर्विसेज उपलब्ध कराने की योजना है।
तमिलनाडु (Namma Arasu): तमिल और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सर्टिफिकेट डाउनलोड, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन और ग्रीवेंस ट्रैकिंग को सक्षम बनाता है।
तेलंगाना (MeeSeva): इसमें 38 अलग-अलग विभागों में 580 से ज्यादा सेवाओं का एक विशाल कैटलॉग शामिल है।
उत्तर प्रदेश (परिवहन सेवाएं): व्हीकल रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस डिटेल, चालान स्टेटस और RTO से संबंधित अन्य सेवाएं।
WhatsApp No: 8005441222
हेल्थ एंड नेशनल वेलफेयर
एडमिनिस्ट्रिटिव पेपरवर्क के अलावा इस प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवा की लागत कम करने और देश के नेतृत्व को जानकारी से अवगत रखने के लिए किया जा रहा है। 'जन औषधि' चैटबॉट का लक्ष्य 40 करोड़ नागरिकों तक पहुंचना है और 18,000 से ज्यादा केंद्रों पर किफायती जेनेरिक दवाओं के स्थान और जानकारी उपलब्ध कराना है। यहां तक कि लोकसभा सचिवालय ने भी सांसदों को वास्तविक समय में ऑफिशियल बुलेटिन और अपडेट देने के लिए एक डेडिकेटेड चैनल अपनाया है, जिससे ये सुनिश्चित होता है कि देश की विधायी प्रक्रिया चुस्त रहे और डिजिटल रूप से जुड़ी रहे।
एक ही थ्रेड में फाइनेंशियल मैनेजमेंट
इसका उपयोग फाइनेंशियल सेक्टर तक भी फैला हुआ है, जहां LIC, HDFC Life और ICICI Prudential जैसी बड़ी बीमा कंपनियां अब यूजर्स को प्रीमियम का पेमेंट करने, पॉलिसी का स्टेटस देखने और यहां तक कि चैट विंडो के जरिए क्लेम शुरू करने की सुविधा देती हैं। इन सभी टचपॉइंट्स को एक साथ लाकर, इस प्लेटफॉर्म ने डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट की पहले की मुश्किल प्रक्रिया को एक आसान और बातचीत जैसी प्रक्रिया में बदल दिया है।
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