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झारखंड में RTE लागू होने से पहले नियुक्त टीचर दे सकेंगे JTET परीक्षा, लाइफटाइम रहेगी मान्यता

झारखंड में RTE लागू होने से पहले नियुक्त टीचर दे सकेंगे JTET परीक्षा, लाइफटाइम रहेगी मान्यता

स्कूली शिक्षा विभाग ने जेटेट नियमावली गठित की है, जिसके तहत आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त प्राथमिक शिक्षक और पारा शिक्षक भी जेटेट दे सकेंगे, बशर्ते ...और पढ़ें





एआई द्वारा जेनरेट इमेज।



आरटीई पूर्व नियुक्त शिक्षक भी जेटेट के लिए पात्र।


जेटेट प्रमाणपत्र की मान्यता अब आजीवन रहेगी।


भोजपुरी, मगही, अंगिका भाषा हटाने पर विरोध।


राज्य ब्यूरो, रांची। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने नियमावली गठित करते समय सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश को भी ध्यान में रखा है, जिसके तहत आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्ति वैसे प्राथमिक शिक्षकों के लिए भी जेटेट उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है, जिनकी सेवा अवधि पांच वर्ष से अधिक बची है।


ऐसे सहायक शिक्षक व पारा शिक्षक भी इस परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे। इसके तहत जिन प्राथमिक शिक्षकों की सेवा अवधि एक सितंबर 2025 की तिथि को पांच वर्ष से अधिक शेष है अथवा जिनकी प्रोन्नति (ग्रेड-चार अथवा ग्रेड-सात) के विरुद्ध दावा है, भी इस पात्रता परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे।

नियमावली में यह भी प्रविधान किया गया है कि राज्य सरकार द्वारा आवश्यक पाए जाने पर सेवारत सहायक शिक्षकों/सहायक अध्यापकों (पारा शिक्षकों) के लिए फिर से झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जा सकेगा।

यह भी कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के उक्त आदेश के विरुद्ध 35 पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गई हैं, जिसमें पारित आदेश से राज्य सरकार का यह निर्णय प्रभावित होगा।
जितनी बार चाहें दे सकेंगे परीक्षा, मान्यता आजीवन

कोई अभ्यर्थी चाहे तो यह परीक्षा कितनी ही बार दे सकता है। अंकों में सुधार के लिए ऐसा किया जा सकता है। साथ ही इस परीक्षा के प्रमाणपत्र की मान्यता आजीवन होगी।

कदाचार किया तो दो परीक्षा के लिए प्रतिबंध

नियमावली में कदाचार को रोकने के लिए कड़ा प्रविधान किया गया है। कोई अभ्यर्थी परीक्षा में कदाचार करते पकड़ा गया तो जैक उसे दो परीक्षा में शामिल होने से वंचित कर सकता है।

भोजपुरी, मगही, अंगिका को शामिल नहीं करने का हो रहा विरोध

इधर, जेटेट परीक्षा में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा की सूची में भोजपुरी, मगही एवं अंगिका को शामिल नहीं करने का विराेध हो रहा है। भोजपुरी भाषा को लेकर पलामू में विरोध अधिक है।


रविवार को मेदिनीनगर कचहरी परिसर में झारखंड राज्य सहयोगी संघर्ष मोर्चा पलामू जिला ईकाई की बैठक में कहा गया कि मगही तथा भोजपुरी भाषा को जेटेट परीक्षा से हटा दिया गया है, जिसके विरोध में सभी को एक मंच पर खड़ा होना होगा।


जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव तथा झारखंड राज्य सहयोगी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सह संघर्ष मोर्चा के राज्य सदस्य विनोद तिवारी ने कहा कि भोजपुरी भाषा को मिटाने का प्रयास सफल होने नहीं दिया जाएगा।
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