पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान पर भड़के बाबूलाल मरांडी, बोले- पूरा देश महसूस कर रहा उनकी पीड़ा
पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान पर भड़के बाबूलाल मरांडी, बोले- पूरा देश महसूस कर रहा उनकी पीड़ा
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ हुए व्यवहार को शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग में ...और पढ़ें

प्रोटोकॉल उल्लंघन और आदिवासी भावनाओं को आहत करने की निंदा।
ममता बनर्जी पर राष्ट्रपति पद की गरिमा अपमानित करने का आरोप।
रांची। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बंगाल सरकार द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ किए गए व्यवहार को शर्मनाक बताया है।
एक प्रेस वक्तव्य में मरांडी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित नौवें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति और संथाल आदिवासी समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मु के साथ पश्चिम बंगाल सरकार का व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति इस प्रकार का रवैया न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि यह आदिवासी समाज की भावनाओं को भी आहत करता है।
राष्ट्रपति के शब्दों में जो पीड़ा और असहजता झलक रही थी, वह पूरे देश ने महसूस किया है राष्ट्र के सर्वोच्च पद और उससे जुड़े प्रोटोकॉल का सम्मान हर राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है।
मरांडी ने आरोप लगाया कि सत्ता के अहंकार में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति पद की गरिमा और संताल आदिवासी समाज को अपमानित करने का काम किया है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ बंगाल में हुए व्यवहार को संविधान का अपमान बताया है।
राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल का उल्लंघन शर्मनाक : सुदेश
आजसू पार्टी के अध्यक्ष सुदेश महतो ने बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रोटोकॉल उल्लंघन की घटना को शर्मनाक बताया है। उन्होंने प्रेस बयान जारी कर कहा कि यह राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद का अपमान है।
देश में पहली बार एक आदिवासी महिला सर्वोच्च पद पर आसीन हैं, उनका अपमान राष्ट्र स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में भाग लेने गईं तो उनका स्वागत करने न तो बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहुंचीं और न ही कोई वरिष्ठ अधिकारी। उन्हें राष्ट्रपति के प्रोटोकाल के तहत सम्मान नहीं मिला। आजसू पार्टी इसकी घोर निंदा करती है।
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ हुए व्यवहार को शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग में ...और पढ़ें

प्रोटोकॉल उल्लंघन और आदिवासी भावनाओं को आहत करने की निंदा।
ममता बनर्जी पर राष्ट्रपति पद की गरिमा अपमानित करने का आरोप।
रांची। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बंगाल सरकार द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ किए गए व्यवहार को शर्मनाक बताया है।
एक प्रेस वक्तव्य में मरांडी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित नौवें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति और संथाल आदिवासी समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मु के साथ पश्चिम बंगाल सरकार का व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति इस प्रकार का रवैया न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि यह आदिवासी समाज की भावनाओं को भी आहत करता है।
राष्ट्रपति के शब्दों में जो पीड़ा और असहजता झलक रही थी, वह पूरे देश ने महसूस किया है राष्ट्र के सर्वोच्च पद और उससे जुड़े प्रोटोकॉल का सम्मान हर राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है।
मरांडी ने आरोप लगाया कि सत्ता के अहंकार में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति पद की गरिमा और संताल आदिवासी समाज को अपमानित करने का काम किया है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ बंगाल में हुए व्यवहार को संविधान का अपमान बताया है।
राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल का उल्लंघन शर्मनाक : सुदेश
आजसू पार्टी के अध्यक्ष सुदेश महतो ने बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रोटोकॉल उल्लंघन की घटना को शर्मनाक बताया है। उन्होंने प्रेस बयान जारी कर कहा कि यह राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद का अपमान है।
देश में पहली बार एक आदिवासी महिला सर्वोच्च पद पर आसीन हैं, उनका अपमान राष्ट्र स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में भाग लेने गईं तो उनका स्वागत करने न तो बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहुंचीं और न ही कोई वरिष्ठ अधिकारी। उन्हें राष्ट्रपति के प्रोटोकाल के तहत सम्मान नहीं मिला। आजसू पार्टी इसकी घोर निंदा करती है।
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