Live TV

राज्य

[States][twocolumns]

देश

[Desh][list]

राजनीति

[Politics][list]

भारत के लिए गुड न्यूज, ईरान ने भारतीय टैंकर्स को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की दी मंजूरी

भारत के लिए गुड न्यूज, ईरान ने भारतीय टैंकर्स को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की दी मंजूरी


गैस और तेल संकट के बीच ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। इजरायल और अमेरिका से तनाव के चलते ईरान ने पहले इस मार ...और पढ़ें





ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज से गुजरने दिया।

पहले इजरायल-अमेरिका तनाव के कारण रोक थी।

भारत के लिए सुरक्षित मार्ग का आश्वासन मिला।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया भर में गैस और तेल के संकट के बीच ईरान ने भारतीय जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजने की अनुमति दे दी है। इजरायल और अमेरिका से जंग के बीच ईरान ने इस रास्ते पर रोक लगा दी थी और चेतावनी दी थी कि कोई जहाज इधर से गुजरेगा तो उसे खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकलने का भरोसा दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के अपने समकक्ष अराघची से बात के बाद ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है। दोनों देशों के विदेश मंत्री की बातचीत का मकसद गैस और तेल की प्रभावित कीमतों और उपलब्धता को स्थिर रखना है।
थाईलैंड के जहाज पर हुआ था हमला

बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक थाई रजिस्टर्ड मालवाहक जहाज 'मयूरी नारी' पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था, जिससे जहाज में भीषण आग लग गई। न्यूज एजेंसी रायटर्स के मुताबिक ओमानी नौसेना ने बचाव अभियान चलाया, जिसमें अब तक 20 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया है। तीन नाविक अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।

यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात के खलीफा बंदरगाह से निकलकर भारत के गुजरात स्थित कंडला बंदरगाह की ओर जा रहा था। हमले के बाद जहाज पर काला धुआं उठता दिखा और चालक दल को जीवन राफ्ट के जरिए जहाज छोड़ना पड़ा।






क्या है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की सबसे संवेदनशील सुमद्री रास्तों में से एक है। ये संकरा रास्त फारस की खाड़ी (इसे अरब खाड़ी भी कहा जाता है) और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत, बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे तेल उत्पादक देश अपने तेल का निर्यात इसी रास्ते से करते हैं। इस रास्ते से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल निर्यात होता है। ये रास्ता महज 30 किलोमीटर चौड़ा है।


पश्चिम एशिया में हालिया तनाव के बाद ईरान ने इस समुद्री रास्ते पर आवाजाही पर रोक लगा दी थी। ईरान की ओर से साफ संदेश दिया गया था कि इस रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों पर रोक है, अगर कोई जहाज इस रास्ते को पार करने की कोशिश करता है तो उसपर ईरानी सेना हमला करेगी। इस वजह से ही एशिया के कई देशों में तेल और गैस की किल्लत जैसी स्थिति देखी जा रही है।
Post A Comment
  • Facebook Comment using Facebook
  • Disqus Comment using Disqus

No comments :


मिर्च मसाला

[Mirchmasala][threecolumns]

विदेश

[Videsh][twocolumns]

बिज़नेस

[Business][list]

स्पोर्ट्स

[Sports][bsummary]