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ईरान पर हमले के बाद अमेरिका में ही ट्रंप का विरोध, डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों ने राष्ट्रपति के खिलाफ खोला मोर्चा

ईरान पर हमले के बाद अमेरिका में ही ट्रंप का विरोध, डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों ने राष्ट्रपति के खिलाफ खोला मोर्चा


अमेरिका में ईरान हमलों के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी में ट्रंप की युद्ध नीति के खिलाफ आवाजें तेज हुई हैं। 2024 की हार के बाद पार्टी के भविष्य पर बहस छिड़ी ...और पढ़ें






32 साल की निदा अल्लम और 26 साल की कैट अबुघजालेह ने खुलकर एंटी-वॉर स्टैंड लिया है और कांग्रेस में शांति को लेकर आवाज मुखर किया है।


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिकी डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए यह एक बड़ा झटका भरा दौर है। 2024 के चुनावों में मिली करारी हार के बाद पार्टी में सालों पुरानी बहस तेज हो गई है कि आगे का रास्ता क्या होना चाहिए और मतदाता आगे क्या चाहते हैं।


अब इस बहस को असली परीक्षा देने वाले दो युवा प्रोग्रेसिव उम्मीदवार सामने आए हैं। 32 साल की निदा अल्लम और 26 साल की कैट अबुघजालेह ने खुलकर एंटी-वॉर स्टैंड लिया है और कांग्रेस में शांति को लेकर आवाज मुखर किया है।

ये उम्मीदवार डेमोक्रेटिक पार्टी के भविष्य के तौर देख जा रहे हैं। उनकी जीत न सिर्फ स्थानीय स्तर पर मायने रखेगी, बल्कि पार्टी लीडरशिप को भी संकेत देगी कि मिडटर्म चुनावों में कैसे रणनीति बनानी है। नवंबर में होने वाले मिडटर्म से तय होगा कि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट पर किस पार्टी का कब्जा रहेगा। ये ट्रंप के दूसरे टर्म के आखिरी दो सालों की दिशा तय करेगा।
ईरान हमलों के बाद अमेरिकी राजनीति में क्या हो रहा है?

अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले किए। इस हमले में सैंकड़ो सिविलियन मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र के कई देशों पर हमले किए। इस युद्ध ने डेमोक्रेटिक पार्टी में एंटी-वॉर आवाजों को और मजबूत किया है। निदा अल्लम और कैट अबुघजालेह जैसे उम्मीदवार अब कांग्रेस में ट्रंप की ताकत पर अंकुश लगाने और युद्ध रोकने की मांग कर रहे हैं।


अल्लम ने अपने चुनाव प्रचार में एक ऐड जारी किया, जिसमें ईरान में लड़कियों के स्कूल पर हमले का जिक्र कर खुद को 'शांति समर्थक' बताया। उनकी प्रतिद्वंद्वी वैलेरी फौशी ने भी युद्ध को 'असंवैधानिक' बताया, लेकिन उनके पुराने डिफेंस कॉन्ट्रैक्टर्स और प्रो-इजराइल ग्रुप्स से रिश्ते अब सवालों के घेरे में हैं।

3 मार्च को बड़ा मुकाबला

उत्तर कैरोलिना के चौथे कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट (जिसमें डरहम शहर शामिल है) में 3 मार्च को प्राइमरी है। यहां 32 साल की निदा अल्लम इंकंबेंट रिप्रेजेंटेटिव वैलेरी फौशी से मुकाबला कर रही हैं। यह 2022 का रीमैच है, जहां फौशी ने अल्लम को हराया था—उस समय AIPAC से जुड़े सुपर PAC ने लाखों डॉलर खर्च किए थे।


अल्लम 2020 में नॉर्थ कैरोलिना में पहली मुस्लिम महिला काउंटी कमिश्नर बनीं। उन्होंने बर्नी सैंडर्स के साथ काम किया और अब ICE को खत्म करने, गाजा युद्ध पर अमेरिकी नीति बदलने, वर्कर-फर्स्ट पॉलिसी और अधिकारों की रक्षा पर जोर दे रही हैं।


अल्लम कहती हैं, "मेरा नेतृत्व हमेशा अपनी पहचान पर गर्व करने से आया है। असहज पलों में कदम नहीं उठाए तो बच्चों के लिए कैसा दुनिया छोड़ेंगे?" वे कहती हैं कि वर्किंग क्लास अब "बारी आने का इंतजार" नहीं करना चाहता।

क्या यह अंतिम दौर है?

दोनों उम्मीदवारों के प्रचार पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है। अल्लम की रेस में AIPAC से जुड़े ग्रुप्स और AI PACs सक्रिय हैं। अबुघजालेह की रेस में 13.7 मिलियन डॉलर AIPAC डोनर्स से आए।
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