यरूशलेम के सबसे पवित्र चर्च में पाम संडे पर रोके गए कैथोलिक धर्मगुरु, विवाद बढ़ा तो नेतन्याहू ने दी एंट्री की इजाजत
यरूशलेम के सबसे पवित्र चर्च में पाम संडे पर रोके गए कैथोलिक धर्मगुरु, विवाद बढ़ा तो नेतन्याहू ने दी एंट्री की इजाजत
यरूशलेम में पाम संडे पर इजरायली पुलिस ने वरिष्ठ कैथोलिक पादरियों को चर्च ऑफ द होली सेपल्चर में प्रवेश करने से रोका। क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा प्रतिबंध ...और पढ़ें
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यरूशलेम के पवित्र चर्च में पाम संडे पर कैथोलिक धर्मगुरुओं को रोका गया (फोटो- इंटरनेट मीडिया)
पाम संडे पर यरूशलेम चर्च में पादरियों को रोका गया
इजरायली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से प्रवेश पर रोक लगाई
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। इजरायल और ईरान लगातार एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं। इस बीच यरूशलेम के चर्च ऑफ द होली सेपल्चर में पाम संडे के पवित्र अवसर पर वरिष्ठ कैथोलिक पादरियों को प्रवेश करने से रोक दिया गया।
क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा प्रतिबंधों के बीच, इजरायली पुलिस ने लैटिन पैट्रियार्क पियरबतिस्ता पिज्जाबल्ला सहित वरिष्ठ कैथोलिक पादरियों को ईसाई धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक, 'चर्च ऑफ द होली सेपल्चर' में प्रवेश करने से रोक दिया।
धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप
चर्च के अधिकारियों के अनुसार, सदियों के इतिहास में यह पहला मौका है जब चर्च के प्रमुखों को पाम संडे की प्रार्थना करने से रोका गया है। इस घटना ने न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विवाद खड़ा हो गया है। विदेशी सरकारों और अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने निंदा की।
चर्च जाते समय रोका गया
यरूशलेम के लैटिन पैट्रियार्कट और पवित्र भूमि की संरक्षकता द्वारा जारी एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इजरायली पुलिस ने क्षेत्र के सबसे वरिष्ठ कैथोलिक अधिकारी पियरबतिस्ता पिज्जाबल्ला को फ्रांसेस्को इएलपो और दो अन्य पादरियों के साथ चर्च जाते समय रोक लिया।
बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि समूह चुपचाप यात्रा कर रहा था, और यह भी बताया गया कि जब उन्हें वापस लौटने के लिए मजबूर किया गया, तब वे "निजी तौर पर और किसी जुलूस या औपचारिक कृत्य की विशेषताओं के बिना आगे बढ़ रहे थे"।
पैट्रियार्कट ने कहा कि सदियों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब चर्च के प्रमुखों को पवित्र समाधि के चर्च में पाम संडे मास मनाने से रोका गया। यह वही गिरजाघर है, जिसको लेकर मान्यता है कि कि यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था, दफनाया गया था और पुनर्जीवित किया गया था।
नेतन्याहू ने दी एंट्री की इजाजत
नेतन्याहू ने बताया कि ईरान यरूशलम में तीनों एकेश्वरवादी धर्मों के पवित्र स्थलों को बार-बार मिसाइलों से निशाना बना रहा है। जिसके कारण यह कदम इसलिए उठाया गया।
हालांकि, बाद में जब इसको लेकर विवाद शुरू हुआ तो प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए लिखा, "मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लैटिन पैट्रिआर्क, कार्डिनल पियरबत्तीस्ता पिज्जाबल्ला को यरूशलेम के चर्च ऑफ द होली सेपल्चर में पूरी और तुरंत एंट्री दी जाए।"
नेतन्याहू ने कहा, "आज कार्डिनल पिज्जाबल्ला की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, उनसे चर्च ऑफ द होली सेपल्चर में प्रार्थना सभा आयोजित न करने के लिए कहा गया। लेकिन कार्डिनल पिज्जाबल्ला के साथ हुई घटना के बारे में पता चलते ही मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वो पैट्रिआर्क को उनकी इच्छा के मुताबिक प्रार्थना सभा आयोजित करने की इजाजत दें।"
यरूशलेम में पाम संडे पर इजरायली पुलिस ने वरिष्ठ कैथोलिक पादरियों को चर्च ऑफ द होली सेपल्चर में प्रवेश करने से रोका। क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा प्रतिबंध ...और पढ़ें
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यरूशलेम के पवित्र चर्च में पाम संडे पर कैथोलिक धर्मगुरुओं को रोका गया (फोटो- इंटरनेट मीडिया)
पाम संडे पर यरूशलेम चर्च में पादरियों को रोका गया
इजरायली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से प्रवेश पर रोक लगाई
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। इजरायल और ईरान लगातार एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं। इस बीच यरूशलेम के चर्च ऑफ द होली सेपल्चर में पाम संडे के पवित्र अवसर पर वरिष्ठ कैथोलिक पादरियों को प्रवेश करने से रोक दिया गया।
क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा प्रतिबंधों के बीच, इजरायली पुलिस ने लैटिन पैट्रियार्क पियरबतिस्ता पिज्जाबल्ला सहित वरिष्ठ कैथोलिक पादरियों को ईसाई धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक, 'चर्च ऑफ द होली सेपल्चर' में प्रवेश करने से रोक दिया।
धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप
चर्च के अधिकारियों के अनुसार, सदियों के इतिहास में यह पहला मौका है जब चर्च के प्रमुखों को पाम संडे की प्रार्थना करने से रोका गया है। इस घटना ने न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विवाद खड़ा हो गया है। विदेशी सरकारों और अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने निंदा की।
चर्च जाते समय रोका गया
यरूशलेम के लैटिन पैट्रियार्कट और पवित्र भूमि की संरक्षकता द्वारा जारी एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इजरायली पुलिस ने क्षेत्र के सबसे वरिष्ठ कैथोलिक अधिकारी पियरबतिस्ता पिज्जाबल्ला को फ्रांसेस्को इएलपो और दो अन्य पादरियों के साथ चर्च जाते समय रोक लिया।
बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि समूह चुपचाप यात्रा कर रहा था, और यह भी बताया गया कि जब उन्हें वापस लौटने के लिए मजबूर किया गया, तब वे "निजी तौर पर और किसी जुलूस या औपचारिक कृत्य की विशेषताओं के बिना आगे बढ़ रहे थे"।
पैट्रियार्कट ने कहा कि सदियों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब चर्च के प्रमुखों को पवित्र समाधि के चर्च में पाम संडे मास मनाने से रोका गया। यह वही गिरजाघर है, जिसको लेकर मान्यता है कि कि यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था, दफनाया गया था और पुनर्जीवित किया गया था।
नेतन्याहू ने दी एंट्री की इजाजत
नेतन्याहू ने बताया कि ईरान यरूशलम में तीनों एकेश्वरवादी धर्मों के पवित्र स्थलों को बार-बार मिसाइलों से निशाना बना रहा है। जिसके कारण यह कदम इसलिए उठाया गया।
हालांकि, बाद में जब इसको लेकर विवाद शुरू हुआ तो प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए लिखा, "मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लैटिन पैट्रिआर्क, कार्डिनल पियरबत्तीस्ता पिज्जाबल्ला को यरूशलेम के चर्च ऑफ द होली सेपल्चर में पूरी और तुरंत एंट्री दी जाए।"
नेतन्याहू ने कहा, "आज कार्डिनल पिज्जाबल्ला की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, उनसे चर्च ऑफ द होली सेपल्चर में प्रार्थना सभा आयोजित न करने के लिए कहा गया। लेकिन कार्डिनल पिज्जाबल्ला के साथ हुई घटना के बारे में पता चलते ही मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वो पैट्रिआर्क को उनकी इच्छा के मुताबिक प्रार्थना सभा आयोजित करने की इजाजत दें।"
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