धारदार हथियार लेकर 100 बाइकों पर आए', पुणे में इफ्तार के दौरान 14 लोगों पर 150 की भीड़ ने किया हमला
धारदार हथियार लेकर 100 बाइकों पर आए', पुणे में इफ्तार के दौरान 14 लोगों पर 150 की भीड़ ने किया हमला
महाराष्ट्र के पुणे के कोंढवा में इफ्तार के दौरान 150 लोगों के समूह ने 14 व्यक्तियों पर हमला किया। बोपदेव घाट के पास झील किनारे रोजा खोलने जमा हुए लोगो ...और पढ़ें

पुणे के कोंढवा में इफ्तार के दौरान 14 लोगों पर हमला।
150 हमलावरों ने लाठियों, धारदार हथियारों से पीटा।
सासवाड पुलिस ने तीन हमलावरों की पहचान की, जांच जारी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पुणे के पास कोंढवा में 150 लोगों के एक समूह ने इफ्तार के दौरान 14 लोगों पर हमला कर दिया। सासवाड पुलिस इस ग्रुप की तलाश में जुटी हुई है। ये लोग शुक्रवार की शाम करीब 7 बजे बोपदेव घाट के पास अस्करवाड़ी में एक झील के पास रमजान इफ्तार के लिए जमा हुए थे।
शनिवार को दर्ज एफआईआर में कोढवा के रहने वाले शिकायतकर्ता फिरोज सय्यद (36) ने बताया कि वह और उसके दोस्त रोजा खोलने के लिए झील के किनारे वाले इलाके में गए थे, तभी हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया।
100-150 अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज शिकायत
उन्होंने बताया कि वे अपने साथ खाने के पैकेट और दूसरी खाने की चीजें ले गए थे। यह झील बोपदेव घाट-सासवड रोड से थोड़ी हटकर है, जो कोंढवा इलाके से करीब 12 किमी. दूर है। पुलिस ने बताया कि उन्होंने कथित हमले के मामले में 100-150 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
सासवाड पुलिस के इंस्पेक्टर कुमार कदम ने कहा, "हम इलाके के CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं। हमने अब तक हमलावरों में से तीन की पहचान कर ली है। हम जल्द ही बाकी लोगों की भी पहचान कर लेंगे और उन्हें गिरफ्तार कर लेंगे।" जब उनसे पूछा गया कि क्या हमलावर किसी संगठन से जुड़े थे तो इंस्पेक्टर कदम ने कहा, "हम उनके बैकग्राउंड की जांच कर रहे हैं।"
क्या है पूरा मामला?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सय्यद नाम के शख्स ने बताया, "मैं और मेरे 13 दोस्त, शुक्रवार को इफ्तार के लिए अपनी मोटरसाइकिलों और एक कार से झील के किनारे वाले इलाके में गए थे। हमने अभी अपने खाने के पैकेट खोले ही थे कि अचानक 100-150 लोगों का एक ग्रुप लगभग 100 दोपहिया वाहनों पर सवार होकर वहां पहुंच गया, जिनके हाथों में लाठियां, धारदार हथियार, कोड़े और पत्थर थे।"
उन्होंने कहा, "उन्होंने हमसे पूछा कि हम वहां क्यों जमा हुए थे, हमारे कपड़ों के चुनाव पर सवाल उठाए और हमें चेतावनी दी कि हम दोबारा उस इलाके में न आएं। उन्होंने हमसे तुरंत वह जगह छोड़ने को कहा और अपने साथ लाए हथियारों से हमें गालियां देना और हम पर हमला करना शुरू कर दिया। हमलावर हमें पीटते हुए नारे लगा रहे थे।"
सय्यद ने आगे कहा, "हम अपनी जान बचाने के लिए वहां से भाग निकले। हममें से ज्यादातर लोगों को सिर, पीठ और पैरों में चोटें आईं। बाद में हम कोंढवा के एक अस्पताल गए, जहां डॉक्टरों ने हमारा इलाज किया।"
महाराष्ट्र के पुणे के कोंढवा में इफ्तार के दौरान 150 लोगों के समूह ने 14 व्यक्तियों पर हमला किया। बोपदेव घाट के पास झील किनारे रोजा खोलने जमा हुए लोगो ...और पढ़ें

पुणे के कोंढवा में इफ्तार के दौरान 14 लोगों पर हमला।
150 हमलावरों ने लाठियों, धारदार हथियारों से पीटा।
सासवाड पुलिस ने तीन हमलावरों की पहचान की, जांच जारी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पुणे के पास कोंढवा में 150 लोगों के एक समूह ने इफ्तार के दौरान 14 लोगों पर हमला कर दिया। सासवाड पुलिस इस ग्रुप की तलाश में जुटी हुई है। ये लोग शुक्रवार की शाम करीब 7 बजे बोपदेव घाट के पास अस्करवाड़ी में एक झील के पास रमजान इफ्तार के लिए जमा हुए थे।
शनिवार को दर्ज एफआईआर में कोढवा के रहने वाले शिकायतकर्ता फिरोज सय्यद (36) ने बताया कि वह और उसके दोस्त रोजा खोलने के लिए झील के किनारे वाले इलाके में गए थे, तभी हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया।
100-150 अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज शिकायत
उन्होंने बताया कि वे अपने साथ खाने के पैकेट और दूसरी खाने की चीजें ले गए थे। यह झील बोपदेव घाट-सासवड रोड से थोड़ी हटकर है, जो कोंढवा इलाके से करीब 12 किमी. दूर है। पुलिस ने बताया कि उन्होंने कथित हमले के मामले में 100-150 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
सासवाड पुलिस के इंस्पेक्टर कुमार कदम ने कहा, "हम इलाके के CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं। हमने अब तक हमलावरों में से तीन की पहचान कर ली है। हम जल्द ही बाकी लोगों की भी पहचान कर लेंगे और उन्हें गिरफ्तार कर लेंगे।" जब उनसे पूछा गया कि क्या हमलावर किसी संगठन से जुड़े थे तो इंस्पेक्टर कदम ने कहा, "हम उनके बैकग्राउंड की जांच कर रहे हैं।"
क्या है पूरा मामला?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सय्यद नाम के शख्स ने बताया, "मैं और मेरे 13 दोस्त, शुक्रवार को इफ्तार के लिए अपनी मोटरसाइकिलों और एक कार से झील के किनारे वाले इलाके में गए थे। हमने अभी अपने खाने के पैकेट खोले ही थे कि अचानक 100-150 लोगों का एक ग्रुप लगभग 100 दोपहिया वाहनों पर सवार होकर वहां पहुंच गया, जिनके हाथों में लाठियां, धारदार हथियार, कोड़े और पत्थर थे।"
उन्होंने कहा, "उन्होंने हमसे पूछा कि हम वहां क्यों जमा हुए थे, हमारे कपड़ों के चुनाव पर सवाल उठाए और हमें चेतावनी दी कि हम दोबारा उस इलाके में न आएं। उन्होंने हमसे तुरंत वह जगह छोड़ने को कहा और अपने साथ लाए हथियारों से हमें गालियां देना और हम पर हमला करना शुरू कर दिया। हमलावर हमें पीटते हुए नारे लगा रहे थे।"
सय्यद ने आगे कहा, "हम अपनी जान बचाने के लिए वहां से भाग निकले। हममें से ज्यादातर लोगों को सिर, पीठ और पैरों में चोटें आईं। बाद में हम कोंढवा के एक अस्पताल गए, जहां डॉक्टरों ने हमारा इलाज किया।"
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