IPL सपनों से हटकर World Cup जीतने पर ध्यान दें...' , Sunil Gavaskar का युवाओं को कड़ा संदेश
IPL सपनों से हटकर World Cup जीतने पर ध्यान दें...' , Sunil Gavaskar का युवाओं को कड़ा संदेश
Sunil Gavaskar ने न्यूजीलैंड और भारत में खेलों के प्रति दृष्टिकोण की तुलना की है। न्यूजीलैंड में रग्बी प्रमुख होने के बावजूद अन्य खिलाड़ी शिकायत नहीं ...और पढ़ें

Sunil Gavaskar ने युवाओं को दिया ‘गुरुमंत्र’
सुनील गावस्कर कॉलम। राजकोट में खेले गए दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड की आसान जीत ने यह दिखा दिया कि कम चर्चित खेल हस्तियों वाला यह देश लगातार विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करता रहता है। वहां रग्बी सबसे लोकप्रिय खेल है और रग्बी खिलाडि़यों को बाकी सभी खिलाड़ियों से ज्यादा सम्मान और पहचान मिलती है। इसके बावजूद दूसरे खेलों के खिलाड़ी कभी शिकायत नहीं करते कि सारा ध्यान रग्बी को ही मिलता है।
वे चुपचाप खेल पर मेहनत करते रहते हैं और बार-बार असाधारण प्रदर्शन करते हैं। काश भारत में भी ऐसा ही होता। यहां जैसे ही किसी दूसरे खेलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, तो तुरंत क्रिकेट पर अंगुली उठ जाती है कि वही सारा ध्यान, पैसा और दर्शकों का समर्थन ले जाता है।
यहां तक कि राष्ट्रीय पुरस्कार न मिलने पर खिलाड़ी अदालत चले जाते हैं और दोष क्रिकेट पर मढ़ देते हैं। भारत में क्रिकेट आत्मनिर्भर है और उसे सरकार से आर्थिक मदद की जरूरत नहीं पड़ती, जबकि बाकी खेल काफी हद तक सरकारी फंडिंग पर निर्भर रहते हैं।
कुछ खिलाड़ी ओलंपिक वर्ष में कारपोरेट प्रायोजकों से मदद पा लेते हैं, लेकिन ऐसे उदाहरण गिने-चुने ही होते हैं। इसलिए अन्य खेलों की नाराजगी कुछ हद तक समझ में आती है, लेकिन उन्हें सोचना चाहिए कि क्रिकेट ने दूसरे खेलों के लिए भी रास्ते खोले हैं।
Sunil Gavaskar ने युवाओं को दिया ‘गुरुमंत्र’
आज आईपीएल की ऐतिहासिक सफलता के कारण कई अन्य खेलों में भी लीग शुरू हुई हैं, जहां खिलाड़ी फ्रेंचाइजियों द्वारा खरीदे जाते हैं। पहले ऐसा सोचा भी नहीं जा सकता था। हालांकि सभी लीग सफल नहीं होतीं, क्योंकि सही समय, सही योजना और मजबूत फ्रेंचाइजी चयन जरूरी होता है। फिर भी यह सच है कि इन लीगों की प्रेरणा आईपीएल मॉडल से ही मिली।
भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी भी अन्य खेलों में देश के प्रदर्शन को लेकर उत्साहित रहते हैं और हर भारतीय खिलाड़ी की सफलता की कामना करते हैं। अब बात आइसीसी अंडर-19 विश्व कप की करें तो भारत से एक बार फिर ट्राफी जीतने की उम्मीदें हैं।
प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन बड़े मैचों में मानसिक मजबूती ही फर्क पैदा करेगी। हालिया अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में हार सिर्फ इसलिए निराशाजनक नहीं थी क्योंकि हार मिली, बल्कि इसलिए क्योंकि टीम 26 ओवर में सिमट गई और बल्लेबाजों ने 50 ओवर के मैच को टी-20 की तरह खेला।
अंडर-19 और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच बड़ा अंतर होता है। कई युवा खिलाड़ी आईपीएल के प्रभाव में आकर हर गेंद पर बड़ा शाट खेलने की कोशिश करते हैं और जल्दी आउट हो जाते हैं। इसलिए अनुभवी मार्गदर्शन जरूरी है। उम्मीद है कि युवा खिलाड़ी आइपीएल के सपनों से हटकर फिलहाल सिर्फ विश्व कप जीतने पर ध्यान देंगे। आगे बढ़ो, युवा सितारों, देश को तुमसे उम्मीद है।
U19 World Cup 2026 में भारत की शानदार शुरुआत
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में अब तक आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय टीम ने दो मैच खेले है। अमेरिका के खिलाफ ओपनिंग मैच को भारत ने DLS नियम के हिसाब से 6 विकेट से जीत लिया था, जबकि दूसरे मैच में बांग्लादेश को भारतीय टीम ने DLS नियम के तहत 18 रन से हराया। अभी ग्रुप-ए की अंक तालिका में भारतीय टीम 4 अंक और +2.025 नेट रनरेट के साथ टॉप पर मौजूद है।
Sunil Gavaskar ने न्यूजीलैंड और भारत में खेलों के प्रति दृष्टिकोण की तुलना की है। न्यूजीलैंड में रग्बी प्रमुख होने के बावजूद अन्य खिलाड़ी शिकायत नहीं ...और पढ़ें

Sunil Gavaskar ने युवाओं को दिया ‘गुरुमंत्र’
सुनील गावस्कर कॉलम। राजकोट में खेले गए दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड की आसान जीत ने यह दिखा दिया कि कम चर्चित खेल हस्तियों वाला यह देश लगातार विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करता रहता है। वहां रग्बी सबसे लोकप्रिय खेल है और रग्बी खिलाडि़यों को बाकी सभी खिलाड़ियों से ज्यादा सम्मान और पहचान मिलती है। इसके बावजूद दूसरे खेलों के खिलाड़ी कभी शिकायत नहीं करते कि सारा ध्यान रग्बी को ही मिलता है।
वे चुपचाप खेल पर मेहनत करते रहते हैं और बार-बार असाधारण प्रदर्शन करते हैं। काश भारत में भी ऐसा ही होता। यहां जैसे ही किसी दूसरे खेलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, तो तुरंत क्रिकेट पर अंगुली उठ जाती है कि वही सारा ध्यान, पैसा और दर्शकों का समर्थन ले जाता है।
यहां तक कि राष्ट्रीय पुरस्कार न मिलने पर खिलाड़ी अदालत चले जाते हैं और दोष क्रिकेट पर मढ़ देते हैं। भारत में क्रिकेट आत्मनिर्भर है और उसे सरकार से आर्थिक मदद की जरूरत नहीं पड़ती, जबकि बाकी खेल काफी हद तक सरकारी फंडिंग पर निर्भर रहते हैं।
कुछ खिलाड़ी ओलंपिक वर्ष में कारपोरेट प्रायोजकों से मदद पा लेते हैं, लेकिन ऐसे उदाहरण गिने-चुने ही होते हैं। इसलिए अन्य खेलों की नाराजगी कुछ हद तक समझ में आती है, लेकिन उन्हें सोचना चाहिए कि क्रिकेट ने दूसरे खेलों के लिए भी रास्ते खोले हैं।
Sunil Gavaskar ने युवाओं को दिया ‘गुरुमंत्र’
आज आईपीएल की ऐतिहासिक सफलता के कारण कई अन्य खेलों में भी लीग शुरू हुई हैं, जहां खिलाड़ी फ्रेंचाइजियों द्वारा खरीदे जाते हैं। पहले ऐसा सोचा भी नहीं जा सकता था। हालांकि सभी लीग सफल नहीं होतीं, क्योंकि सही समय, सही योजना और मजबूत फ्रेंचाइजी चयन जरूरी होता है। फिर भी यह सच है कि इन लीगों की प्रेरणा आईपीएल मॉडल से ही मिली।
भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी भी अन्य खेलों में देश के प्रदर्शन को लेकर उत्साहित रहते हैं और हर भारतीय खिलाड़ी की सफलता की कामना करते हैं। अब बात आइसीसी अंडर-19 विश्व कप की करें तो भारत से एक बार फिर ट्राफी जीतने की उम्मीदें हैं।
प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन बड़े मैचों में मानसिक मजबूती ही फर्क पैदा करेगी। हालिया अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में हार सिर्फ इसलिए निराशाजनक नहीं थी क्योंकि हार मिली, बल्कि इसलिए क्योंकि टीम 26 ओवर में सिमट गई और बल्लेबाजों ने 50 ओवर के मैच को टी-20 की तरह खेला।
अंडर-19 और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच बड़ा अंतर होता है। कई युवा खिलाड़ी आईपीएल के प्रभाव में आकर हर गेंद पर बड़ा शाट खेलने की कोशिश करते हैं और जल्दी आउट हो जाते हैं। इसलिए अनुभवी मार्गदर्शन जरूरी है। उम्मीद है कि युवा खिलाड़ी आइपीएल के सपनों से हटकर फिलहाल सिर्फ विश्व कप जीतने पर ध्यान देंगे। आगे बढ़ो, युवा सितारों, देश को तुमसे उम्मीद है।
U19 World Cup 2026 में भारत की शानदार शुरुआत
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में अब तक आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय टीम ने दो मैच खेले है। अमेरिका के खिलाफ ओपनिंग मैच को भारत ने DLS नियम के हिसाब से 6 विकेट से जीत लिया था, जबकि दूसरे मैच में बांग्लादेश को भारतीय टीम ने DLS नियम के तहत 18 रन से हराया। अभी ग्रुप-ए की अंक तालिका में भारतीय टीम 4 अंक और +2.025 नेट रनरेट के साथ टॉप पर मौजूद है।
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