DSPMU छात्रसंघ चुनाव में अभी और होगी देरी, परिचय पत्र न बनने से अटका मतदान
DSPMU छात्रसंघ चुनाव में अभी और होगी देरी, परिचय पत्र न बनने से अटका मतदान
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में 2025-26 के छात्र संघ चुनाव में देरी होगी क्योंकि विश्वविद्यालय छात्रों के परिचय पत्र नहीं बनव ...और पढ़ें

रांची। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में वोटर लिस्टर तैयार होने के बावजूद छात्र संघ चुनाव 2025-26 में देरी होगी। इसका कारण यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के परिचय पत्र नहीं बनवा सका।
परिचय पत्र बनवाने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। कई एजेंसियों से कोटेशन मांगे गए। जिसमें एक एजेंसी ने सबसे कम 82 रुपये प्रति आईकार्ड बनाने का प्रस्ताव दिया। मगर विवि के वित्त विभाग ने आईकार्ड के लिए पैसा नहीं दिया। पैसे के अभाव में विवि प्रशासन आईकार्ड नहीं बनवा सका।
आईकार्ड नहीं बनने की वजह से चुनावी प्रक्रिया अधर में लटक गई है। जबकि स्टूडेंट इलेक्शन फीस के नाम पर प्रति छात्र 70 रुपये और स्टूडेंट यूनियन फीस के नाम पर प्रति छात्र 30 रुपये छात्रों से वसूले गए है। डीएसपीएमयू में करीब 14,000 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इनसे गत सात साल में करीब 98 लाख रुपये वसूले गए हैं।
डीएसपीएमयू प्रशासन छात्रों से राशि वसूलने के बाद भी समय पर आईकार्ड नहीं बनवा सका। जबकि विवि प्रशासन द्वारा छात्र संघ चुनाव को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। वोटर लिस्ट (इलेक्ट्रोल रोल) तैयार कर लिया गया है, जिसमें यूजी- पीजी और बीएड कोर्स के वोटर शामिल हैं। वोटर लिस्ट एप्रूवल के लिए सभी विभागों को भेजा गया। सबकुछ समय पर चल रहा था, मगर आईकार्ड नहीं बनने की वजह से चुनाव में विलंब होगा।
वर्ष 2019 में 8,706 छात्रों ने जिन 5 पदों के लिए मतदान किया था, वही चुनाव अब 2025-26 में 16,774 मतदाताओं के साथ दोबारा होना है। इस बार मतदाताओं की संख्या दोगुनी हो चुकी है। ऐसे में इस बार का चुनाव सिर्फ छात्र प्रतिनिधियों के चयन का माध्यम नहीं, बल्कि यह विश्वविद्यालय की प्रशासनिक क्षमता, शैक्षणिक व्यवस्था और छात्र राजनीति की दिशा पर सीधा जनमत बन चुका है।
छात्राओं के हाथ में जीत-हार
डीएसपीएमयू में कुल मतदाताओं में 8,454 छात्राएं (50.4%) और 8,320 छात्र (49.6%) हैं। डीएसपीएमयू छात्र संघ चुनाव के इतिहास में यह पहला मौका है, जब छात्राएं निर्णायक बहुमत में हैं। यानी छात्र संघ की सत्ता की चाबी छात्राओं के हाथ में है। उनकी संख्या 50 प्रतिशत से अधिक होने के कारण उनकी सुरक्षा सहित अन्य मुद्दे छाए रहेंगे।
इसमें गर्ल्स हास्टल, सुरक्षा, समय पर परीक्षा व रिजल्ट, क्वालिटी एजुकेशन, कैंपस इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रहेगा। ओबीसी कैटेगरी का सबसे अधिक वोट है। इसी प्रकार यूजी छात्रों का दबदबा पहले से ज्यादा है।
पांच पद के लिए होगा मतदान
छात्र संघ चुनाव लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार होगा। कुल पांच पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव और उप सचिव के पद के लिए मतदान होगा। चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जाएगा।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में 2025-26 के छात्र संघ चुनाव में देरी होगी क्योंकि विश्वविद्यालय छात्रों के परिचय पत्र नहीं बनव ...और पढ़ें

रांची। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में वोटर लिस्टर तैयार होने के बावजूद छात्र संघ चुनाव 2025-26 में देरी होगी। इसका कारण यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के परिचय पत्र नहीं बनवा सका।
परिचय पत्र बनवाने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। कई एजेंसियों से कोटेशन मांगे गए। जिसमें एक एजेंसी ने सबसे कम 82 रुपये प्रति आईकार्ड बनाने का प्रस्ताव दिया। मगर विवि के वित्त विभाग ने आईकार्ड के लिए पैसा नहीं दिया। पैसे के अभाव में विवि प्रशासन आईकार्ड नहीं बनवा सका।
आईकार्ड नहीं बनने की वजह से चुनावी प्रक्रिया अधर में लटक गई है। जबकि स्टूडेंट इलेक्शन फीस के नाम पर प्रति छात्र 70 रुपये और स्टूडेंट यूनियन फीस के नाम पर प्रति छात्र 30 रुपये छात्रों से वसूले गए है। डीएसपीएमयू में करीब 14,000 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इनसे गत सात साल में करीब 98 लाख रुपये वसूले गए हैं।
डीएसपीएमयू प्रशासन छात्रों से राशि वसूलने के बाद भी समय पर आईकार्ड नहीं बनवा सका। जबकि विवि प्रशासन द्वारा छात्र संघ चुनाव को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। वोटर लिस्ट (इलेक्ट्रोल रोल) तैयार कर लिया गया है, जिसमें यूजी- पीजी और बीएड कोर्स के वोटर शामिल हैं। वोटर लिस्ट एप्रूवल के लिए सभी विभागों को भेजा गया। सबकुछ समय पर चल रहा था, मगर आईकार्ड नहीं बनने की वजह से चुनाव में विलंब होगा।
वर्ष 2019 में 8,706 छात्रों ने जिन 5 पदों के लिए मतदान किया था, वही चुनाव अब 2025-26 में 16,774 मतदाताओं के साथ दोबारा होना है। इस बार मतदाताओं की संख्या दोगुनी हो चुकी है। ऐसे में इस बार का चुनाव सिर्फ छात्र प्रतिनिधियों के चयन का माध्यम नहीं, बल्कि यह विश्वविद्यालय की प्रशासनिक क्षमता, शैक्षणिक व्यवस्था और छात्र राजनीति की दिशा पर सीधा जनमत बन चुका है।
छात्राओं के हाथ में जीत-हार
डीएसपीएमयू में कुल मतदाताओं में 8,454 छात्राएं (50.4%) और 8,320 छात्र (49.6%) हैं। डीएसपीएमयू छात्र संघ चुनाव के इतिहास में यह पहला मौका है, जब छात्राएं निर्णायक बहुमत में हैं। यानी छात्र संघ की सत्ता की चाबी छात्राओं के हाथ में है। उनकी संख्या 50 प्रतिशत से अधिक होने के कारण उनकी सुरक्षा सहित अन्य मुद्दे छाए रहेंगे।
इसमें गर्ल्स हास्टल, सुरक्षा, समय पर परीक्षा व रिजल्ट, क्वालिटी एजुकेशन, कैंपस इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रहेगा। ओबीसी कैटेगरी का सबसे अधिक वोट है। इसी प्रकार यूजी छात्रों का दबदबा पहले से ज्यादा है।
पांच पद के लिए होगा मतदान
छात्र संघ चुनाव लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार होगा। कुल पांच पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव और उप सचिव के पद के लिए मतदान होगा। चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जाएगा।
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