लॉस एंजिलिस, शिकागो और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड को बुलाया गया वापस, अचानक ट्रंप ने क्यों लिया इतना बड़ा फैसला?
लॉस एंजिलिस, शिकागो और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड को बुलाया गया वापस, अचानक ट्रंप ने क्यों लिया इतना बड़ा फैसला?
नए साल 2026 पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शिकागो, लॉस एंजिलिस और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड सैनिकों को वापस बुलाने का एलान किया। ये सैनिक 2025 ...और पढ़ें

डोनल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति। (फाइल फोटो)
नए साल 2026 के पहले दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बड़ा एलान किया है। ट्रंप ने अमेरिका के कुछ शहरों में सैन्य तैनाती को लेकर कई कानून झटकों के बाद शिकागो, लॉस एंजिलिस और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड्स सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है।
दरअसल, ट्रंप ने साल 2025 में राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के दूसरे कार्यकाल के पहले साल में अवैध इमीग्रेशन और अपराध पर लगाम लगाने उद्देश्य से डेमोक्रेट्स शासित इन तीन शहरों में NSG भेजा था।
हालांकि, उस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति के इस फैसले को स्थानीय नेताओं ने निरंकुशतापूर्ण अतिक्रमण बताया था। वहीं, इस फैसले की आलोचना भी की थी। इस दौरान कई स्थानीय नेताओं ने राष्ट्रपति के इस कदम के खिलाफ कानूनी चुनौतियां पेश कीं।
ट्रंप ने किया नया दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर दावा किया कि हम शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड को हटा रहे हैं, इन महान देशभक्तों की मौजूदगी से अपराध में काफी कमी आई है और सिर्फ इसी वजह से। उन्होंने आगे कहा कि अगर संघीय सरकार ने हस्तक्षेप न किया होता तो ये तीनों शहर पूरी तरह से बर्बाद हो चुके होते।
साल 2025 दिसंबर में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन को शिकागो क्षेत्र में इमीग्रेशन पर लगाम कसने के तहत नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती की अनुमति देने से अनुमति देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, यह आदेश कोई अंतिम फैसला नहीं था, लेकिन ट्रंप के लिए बड़ा झटका था।
नए साल 2026 पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शिकागो, लॉस एंजिलिस और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड सैनिकों को वापस बुलाने का एलान किया। ये सैनिक 2025 ...और पढ़ें

डोनल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति। (फाइल फोटो)
नए साल 2026 के पहले दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बड़ा एलान किया है। ट्रंप ने अमेरिका के कुछ शहरों में सैन्य तैनाती को लेकर कई कानून झटकों के बाद शिकागो, लॉस एंजिलिस और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड्स सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है।
दरअसल, ट्रंप ने साल 2025 में राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के दूसरे कार्यकाल के पहले साल में अवैध इमीग्रेशन और अपराध पर लगाम लगाने उद्देश्य से डेमोक्रेट्स शासित इन तीन शहरों में NSG भेजा था।
हालांकि, उस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति के इस फैसले को स्थानीय नेताओं ने निरंकुशतापूर्ण अतिक्रमण बताया था। वहीं, इस फैसले की आलोचना भी की थी। इस दौरान कई स्थानीय नेताओं ने राष्ट्रपति के इस कदम के खिलाफ कानूनी चुनौतियां पेश कीं।
ट्रंप ने किया नया दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर दावा किया कि हम शिकागो, लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड से नेशनल गार्ड को हटा रहे हैं, इन महान देशभक्तों की मौजूदगी से अपराध में काफी कमी आई है और सिर्फ इसी वजह से। उन्होंने आगे कहा कि अगर संघीय सरकार ने हस्तक्षेप न किया होता तो ये तीनों शहर पूरी तरह से बर्बाद हो चुके होते।
साल 2025 दिसंबर में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन को शिकागो क्षेत्र में इमीग्रेशन पर लगाम कसने के तहत नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती की अनुमति देने से अनुमति देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, यह आदेश कोई अंतिम फैसला नहीं था, लेकिन ट्रंप के लिए बड़ा झटका था।
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