बीजेपी पार्षद ने दो साल पहले ही दी थी जहरीले पानी की चेतावनी, 15 मौतों के बाद जागा प्रशासन
बीजेपी पार्षद ने दो साल पहले ही दी थी जहरीले पानी की चेतावनी, 15 मौतों के बाद जागा प्रशासन
इंदौर में दूषित पानी से 15 लोगों की मौत के बाद एक नया खुलासा हुआ है। भाजपा पार्षद कमल वाघेला ने दो साल पहले ही जर्जर पेयजल पाइपलाइनों को बदलने का अनुर ...और पढ़ें

इंदौर में 15 लोगों की मौत के बाद सामने आई बड़ी सच्चाई (फोटो-पीटीआई)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इंदौर में दूषित पानी से मरने वालों की संख्या 15 हो गई है। इस मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। दो साल पहले ही भाजपा पार्षद ने जर्जर पेयजल पाइपलाइनों को बदलने का अनुरोध किया था। लेकिन इस मामले में नगर निगम ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया था।
इंदौर में वार्ड 11 के भाजपा पार्षद कमल वाघेला ने नगर निगम को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने अपने वार्ड में पड़ने वाले भागीरथपुरा में पुरानी और जर्जर पेयजल पाइपलाइनों को बदलने का अनुरोध किया था।
जुलाई 2022 में इंदौर नगर निगम चुनावों में भाजपा की जीत के लगभग एक साल बाद ही कमल वाघेला ने भागीरथपुरा में पेयजल की समस्या का पता लगा लिया था।
भाजपा पार्षद ने दो साल पहले दी थी चेतावनी
भाजपा पार्षद कमल वाघेला ने शुक्रवार, 2 जनवरी को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा। कमल वाघेला ने नगर निगम अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने जल पाइपलाइन बदलने के अनुरोध किया था, लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया।
आईएमसी अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले वाघेला ने दावा किया कि वे 2023 से ही भागीरथपुरा में पेयजल के दूषित होने की आशंका जता रहे थे और उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी।
'मैंने भागीरथपुरा में नई पाइपलाइन बिछाने की मांग की थी। मेरी मांग पर 12 नवंबर, 2024 को एक आधिकारिक फाइल बनाई गई थी, लेकिन इसे सात महीने तक रोक कर रखा गया।'
भाजपा पार्षद ने बताया कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव से संपर्क करने के बाद 30 जुलाई, 2025 को निविदा जारी की गई थी। वाघेला ने आरोप लगाया कि 'निविदा प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी नहीं हुई।' वाघेला ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वार्ड 11 के पार्षद ने बताया कि उनके वार्ड में 40 फीसदी पाइपलाइन पुरानी हैं और उन्हें बदलने के लिए लगभग 23 लाख रुपये की आवश्यकता है।
इंदौर में दूषित पानी से 15 लोगों की मौत के बाद एक नया खुलासा हुआ है। भाजपा पार्षद कमल वाघेला ने दो साल पहले ही जर्जर पेयजल पाइपलाइनों को बदलने का अनुर ...और पढ़ें

इंदौर में 15 लोगों की मौत के बाद सामने आई बड़ी सच्चाई (फोटो-पीटीआई)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इंदौर में दूषित पानी से मरने वालों की संख्या 15 हो गई है। इस मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। दो साल पहले ही भाजपा पार्षद ने जर्जर पेयजल पाइपलाइनों को बदलने का अनुरोध किया था। लेकिन इस मामले में नगर निगम ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया था।
इंदौर में वार्ड 11 के भाजपा पार्षद कमल वाघेला ने नगर निगम को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने अपने वार्ड में पड़ने वाले भागीरथपुरा में पुरानी और जर्जर पेयजल पाइपलाइनों को बदलने का अनुरोध किया था।
जुलाई 2022 में इंदौर नगर निगम चुनावों में भाजपा की जीत के लगभग एक साल बाद ही कमल वाघेला ने भागीरथपुरा में पेयजल की समस्या का पता लगा लिया था।
भाजपा पार्षद ने दो साल पहले दी थी चेतावनी
भाजपा पार्षद कमल वाघेला ने शुक्रवार, 2 जनवरी को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा। कमल वाघेला ने नगर निगम अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने जल पाइपलाइन बदलने के अनुरोध किया था, लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया।
आईएमसी अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले वाघेला ने दावा किया कि वे 2023 से ही भागीरथपुरा में पेयजल के दूषित होने की आशंका जता रहे थे और उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी।
'मैंने भागीरथपुरा में नई पाइपलाइन बिछाने की मांग की थी। मेरी मांग पर 12 नवंबर, 2024 को एक आधिकारिक फाइल बनाई गई थी, लेकिन इसे सात महीने तक रोक कर रखा गया।'
भाजपा पार्षद ने बताया कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव से संपर्क करने के बाद 30 जुलाई, 2025 को निविदा जारी की गई थी। वाघेला ने आरोप लगाया कि 'निविदा प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी नहीं हुई।' वाघेला ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वार्ड 11 के पार्षद ने बताया कि उनके वार्ड में 40 फीसदी पाइपलाइन पुरानी हैं और उन्हें बदलने के लिए लगभग 23 लाख रुपये की आवश्यकता है।
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