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कौन जीत सकता है बिग बॉस सीजन 19? जानें शो को आवाज देने वाले विजय विक्रम सिंह से..

कौन जीत सकता है बिग बॉस सीजन 19? जानें शो को आवाज देने वाले विजय विक्रम सिंह से..

कानपुर विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बिग बॉस फेम विजय विक्रम सिंह ने छात्रों को भगवद गीता के माध्यम से करियर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने असफलता से सीखने और इंटरनेट मीडिया के उपयोग पर जोर दिया। बिग बॉस सीजन 19 के कंटेस्टेंट्स को मजबूत बताया और कानपुर के लोगों से शहर की छवि सुधारने की अपील की।




HIGHLIGHTS

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में 'टाक विद विजय विक्रम सिंह' कार्यक्रम में छात्रों को मिली असफलता में सफलता की राह


पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में छात्रों के सवालों के दिए जवाब, कम्यूनिकेशन स्किल को अभ्यास के जरिए छात्रों को सीखा गए


दर्शकों के ‘बिग बास’ विजय विक्रम सिंह समझा गए गीता के श्लोकों में छिपा करियर का सार


जागरण संवाददाता, कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के छात्रों को गीता के दूसरे अध्याय का 47वें श्लोक 'कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन...' से करियर का मर्म समझा गए बिग बास में आवाज देने वाले विजय विक्रम सिंह। मौका था पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के 'टाक विद विजय विक्रम सिंह' कार्यक्रम का। बुधवार को दीनदयाल सभागार में हुए कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों के सवालों का जवाब देकर संवाद किया। टाक शो के बाद उन्होंने पत्रकारों से भी बातचीत। उन्होंने बिग बॉस कंटेस्टेंट में जीत के दावेदार कंटेस्टेंट के बारे में बताया।







विश्वविद्यालय में 'टाक विद विजय विक्रम सिंह' कार्यक्रम में प्रसिद्ध वाइस आर्टिस्ट बिग बास फेम व किदवई नगर निवासी विजय विक्रम सिंह छात्रों से संवाद करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने गीता के श्लोक से अपनी बात की शुरुआत की। उन्होंने कहा, भगवद गीता से ही करियर की राह निकलती है। कर्म करना जरूरी है वो भी बिना सफलता और असफलता को अपने ऊपर हावी हुए। अगर आप असफल होते हैं तो उससे निराश मत होइए बल्कि ये सोचिए कि आपने उससे क्या सीखा है। जिंदगी में फेल होने जैसा कुछ भी नहीं, हर स्टेप में हम कुछ न कुछ सीखते हैं। भगवद गीता का सार भी यही है। इस दौरान उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष को छात्रों के सामने सांझा किया।




उन्होंने कहा कि किस तरह से असफल हो जाने पर अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी लेकिन सबक लिया कि ये असफलता जिंदगी के सामने बहुत छोटी थी। बस मुसीबत तब हो जाती है जब इसे नकारात्मक तरीके से ले लेते हैं। कवि परवीन शाकिर की पंक्ति 'मजा तो तब है कि हार कर हंसते रहें जीत जाना ही कमाल थोड़ी ही है' से छात्रों को असफलता के साथ आगे बढ़ने का मंत्र दिया।




उन्होंने कहा, करियर के लिए छात्र चिंता में रहते हैं लेकिन आज तो हाथ में करियर है यानी मोबाइल। अब छात्र कुछ भी करके कमाई कर सकते हैं। इंटरनेट मीडिया ने करियर के कई आयाम दिए हैं। बस जरूरी है धैर्य की क्योंकि जरूरी नहीं सफलता एक दिन में मिल जाती है।




उन्होंने छात्रों को आवाज का अभ्यास, प्रस्तुति, स्किल को बेहतर करने का तरीका बताया। उन्होंने कहा, ग्रुप में बातचीत करके, अपनी बात रखकर, टापिक में अपनी राय रखकर स्किल निखार सकते हैं। गलत है या सही, लेकिन बोलना जरूरी है। साथ ही आवाज को बेहतर करने के लिए सांस के साथ ओम का उच्च्चारण और मुंह के मसल्स का खींचाव का अभ्यास जरूरी है।




खचाखच भरे सभागार में तालियों की गूंज के बीच कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय के कुलसचिव राकेश कुमार मिश्र रहे। जिन्होंने बुके देकर विजय विक्रम सिंह का स्वागत किया।



मंच संचालन पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की छात्रा आयशा अजमत एवं सौम्या मिश्रा ने किया। इस अवसर पर अंगवस्त्र के साथ विभाग की तरफ से तुलसी पादप और मोमेंटो देकर वायस नैरेटर, अभिनेता और मोटिवेशनल स्पीकर विजय विक्रम सिंह को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डा. दिवाकर अवस्थी, डा. जीतेन्द्र डबराल, डा. रश्मि गौतम, डा. ओम शंकर गुप्ता, डा. हरिओम, प्रेम किशोर शुक्ल, सागर कनौजिया भी मौजूद रहे।



गौरव खन्ना को लेकर कही बड़ी बात


टाक शो के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात की। बिग बॉस कंटेस्टेंट में जीत के दावेदार कंटेस्टेंट के सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि सीजन 19 इस बार सबसे अलग है। इस बार हर कंटेस्टेंट मजबूत है। उन्होंने कहा कि गौरव खन्ना कानपुर के हैं यह मुझे एक दिन पहले ही पता चला। ये काफी अच्छी बात है कि कानपुर से एक प्रतिभागी वहां पर है। ये तो अच्छी बात है। उनका काफी नाम सुना है। उन्होंने कहा कि इससे पहले के सीजन में जो भी विनर रहे उन्होंने खूब मेहनत की। दर्शकों को इंटरटेन किया।



बिग बाग के चक्कर में मुझे मिलती हैं गालियां

विजय विक्रम सिंह ने बताया कि देश के सबसे बड़े रियलिटी शो बिग बॉस में दो आवाजे हैं। एक जो दर्शकों से बातचीत करते हैं तो दूसरी जो अंदर कंटेस्टेंट से बातचीत करते हैं। समय और आगे देखिए अब क्या होगा इस तरह की आवाज मेरी है। लेकिन कंटेस्टेंट और उनके फैंस को लगता है कि मैं ही बिग बास हूं। इससे मुझे इंटरनेट मीडिया पर काफी गालियां मिलती हैं। लेकिन मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता।



एक शो छोड़कर सभी रियलिटी शो में दिया आवाज

बिग बास 4 सीजन से अपनी दमदार आवाज का जादू बिखरने वाले विजय विक्रम सिंह का ये सफर लगातार जारी है। एक रियलिटी शो छोड़कर उन्होंने इंडिया गाट टैलेंट, इंडियन आइडियल सहित सभी में आवाज दी है। साथ ही आवाज की ट्रेनिंग भी दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुष्मिता सेन को भी आवाज के लिए उन्होंने ट्रेंड किया।



खलनायक की भूमिका करना चाहते हैं


विजय विक्रम सिंह ने कहा कि फिल्मों के साथ वेबसीरीज में काम किया। द फैमिली मैन में मेरा अनुभव काफी अच्छा रहा। अगर मुझे मौका मिला तो मैं खलनायक या कामेडियन की भूमिका जरूर अदा करुंगा।

सभी कनपुरिया गुटखा नहीं खाते, बदनाम न करें


उन्होंने कहा कि कानपुर के गुटखा ने यहां के लोगों को और शहर को बदनाम कर दिया है। दूसरे शहरों में अलग ही छवि है। जो लोग गुटखा खाते हैं उनसे अपील है कि इधर-उधर न थूका करें। इससे शहर बदनाम हो रहा है। लेकिन मैं यह भी कहना चाहता हूं कि सभी कानपुर के लोग गुटखा नहीं खाते हैं इसलिए कानपुर को बदनाम करना छोड़ दो।
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