नहीं टूटेगा' केंद्रीय मंत्री ने दिखाया मेड-इन-इंडिया टैबलेट, ऐसे टेस्ट हुई मजबूती
नहीं टूटेगा' केंद्रीय मंत्री ने दिखाया मेड-इन-इंडिया टैबलेट, ऐसे टेस्ट हुई मजबूती
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर करते हुए एक टैबलेट को दिखाया। ये टैबलेट न सिर्फ भारत में डिजाइन किया गया है और बना है। ये काफी ड्यूरेबल भी है। इसे केंद्रीय मंत्री ने खुद इसे जमीन पर फेंककर ऊंचाई से गिराकर और इस पर चढ़कर दिखाया। ताकी ये समझा जा सके कि ये कितना मजबूत है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव टैबलेट शोकेस करते हुए।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर करते हुए एक टैबलेट को दिखाया। ये टैबलेट न सिर्फ भारत में डिजाइन किया गया है और बना है। ये काफी ड्यूरेबल भी है। इसे केंद्रीय मंत्री ने खुद इसे जमीन पर फेंककर ऊंचाई से गिराकर और इस पर चढ़कर दिखाया। ताकी ये समझा जा सके कि ये कितना मजबूत है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव टैबलेट शोकेस करते हुए। केंद्रीय रेलवे, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक टैबलेट को शोकेस किया, जो न केवल भारत में डिजाइन किया गया और बना है, बल्कि एक्स्ट्रा ड्यूरेबल भी है। VVDN टेक्नोलॉजीज की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से एक वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, 'नहीं टूटेगा। डिजाइन्ड इन इंडिया, मेड इन इंडिया।'
वीडियो में केंद्रीय मंत्री टैबलेट की मजबूती का कठिन परीक्षण करते दिख रहे हैं- वे इसे जमीन पर फेंककर, ऊंचाई से गिराकर और यहां तक कि इस पर खड़े होकर देख रहे हैं। ये सब कुछ इसलिए ताकी डिवाइस की ड्यूरेबिलिटी को दिखाया जा सके। ये पोस्ट 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत स्वदेशी और उच्च-गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए भारत के बढ़ते प्रयासों को दर्शाता है।
उसी लोकेशन से एक दूसरे वीडियो में, केंद्रीय मंत्री ने भारत की AI सर्वर टेक्नोलॉजी की झलक शेयर की, जिसके कैप्शन में लिखा था, 'India’s AI server… ‘Adipoli’ at VVDN Technologies,' जहां वे स्टाफ के साथ बातचीत करते और मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस के बारे में जानकारी लेते दिखे।
ये पहल मंत्री के इस साल फरवरी के पोस्ट की याद दिलाती है, जिसमें उन्होंने VVDN Technologies के 'डिजाइन्ड एंड मेड इन इंडिया' लैपटॉप को अनवील किया था।
एंड-टू-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट डेवलपमेंट में विशेषज्ञता रखने वाली ये स्वदेशी कंपनी भारत के ग्लोबल हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की महत्वाकांक्षा में एक मेजर प्लेयर बन रही है।
ये पहल भारत के टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनने के बड़े लक्ष्य के साथ मेल खाती है, जो देश में ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स के डिजाइन, डेवलपमेंट और प्रोडक्शन को बढ़ावा देता है। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम ने इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो डॉमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग में निवेश करने वाली कंपनियों को वित्तीय मदद करती है।
इस साल जनवरी में, सरकार ने खुलासा किया कि PLI 2.0 स्कीम फॉर IT हार्डवेयर ने इसके रोलआउट के मात्र 18 महीनों में 10,000 करोड़ रुपये की प्रोडक्शन और 3,900 नौकरियां पैदा की हैं। वहीं, इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए, अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि FY25 के पहले 10 महीनों में स्मार्टफोन्स भारत की सबसे बड़ी एक्सपोर्ट कैटेगरी बनकर उभरी है। ये सरकार की PLI स्कीम के तहत एक बड़ी सफलता की कहानी है।
सरकार ने इस साल की शुरुआत में कहा, 'पिछले एक दशक में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर तेजी से बढ़ा है, जिसमें प्रोडक्शन 2014 में 2.4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024 में 9.8 लाख करोड़ रुपये हो गया है।'
वीडियो में केंद्रीय मंत्री टैबलेट की मजबूती का कठिन परीक्षण करते दिख रहे हैं- वे इसे जमीन पर फेंककर, ऊंचाई से गिराकर और यहां तक कि इस पर खड़े होकर देख रहे हैं। ये सब कुछ इसलिए ताकी डिवाइस की ड्यूरेबिलिटी को दिखाया जा सके। ये पोस्ट 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत स्वदेशी और उच्च-गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए भारत के बढ़ते प्रयासों को दर्शाता है।
उसी लोकेशन से एक दूसरे वीडियो में, केंद्रीय मंत्री ने भारत की AI सर्वर टेक्नोलॉजी की झलक शेयर की, जिसके कैप्शन में लिखा था, 'India’s AI server… ‘Adipoli’ at VVDN Technologies,' जहां वे स्टाफ के साथ बातचीत करते और मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस के बारे में जानकारी लेते दिखे।
ये पहल मंत्री के इस साल फरवरी के पोस्ट की याद दिलाती है, जिसमें उन्होंने VVDN Technologies के 'डिजाइन्ड एंड मेड इन इंडिया' लैपटॉप को अनवील किया था।
एंड-टू-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट डेवलपमेंट में विशेषज्ञता रखने वाली ये स्वदेशी कंपनी भारत के ग्लोबल हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की महत्वाकांक्षा में एक मेजर प्लेयर बन रही है।
ये पहल भारत के टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनने के बड़े लक्ष्य के साथ मेल खाती है, जो देश में ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स के डिजाइन, डेवलपमेंट और प्रोडक्शन को बढ़ावा देता है। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम ने इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो डॉमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग में निवेश करने वाली कंपनियों को वित्तीय मदद करती है।
इस साल जनवरी में, सरकार ने खुलासा किया कि PLI 2.0 स्कीम फॉर IT हार्डवेयर ने इसके रोलआउट के मात्र 18 महीनों में 10,000 करोड़ रुपये की प्रोडक्शन और 3,900 नौकरियां पैदा की हैं। वहीं, इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए, अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि FY25 के पहले 10 महीनों में स्मार्टफोन्स भारत की सबसे बड़ी एक्सपोर्ट कैटेगरी बनकर उभरी है। ये सरकार की PLI स्कीम के तहत एक बड़ी सफलता की कहानी है।
सरकार ने इस साल की शुरुआत में कहा, 'पिछले एक दशक में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर तेजी से बढ़ा है, जिसमें प्रोडक्शन 2014 में 2.4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024 में 9.8 लाख करोड़ रुपये हो गया है।'
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