सरकार दे रही स्टार्टअप्स को फलने-फूलने का मौका, युवाओं के पास अच्छा करने के बहुत विकल्प- विजय शेखर शर्मा
सरकार दे रही स्टार्टअप्स को फलने-फूलने का मौका, युवाओं के पास अच्छा करने के बहुत विकल्प- विजय शेखर शर्मा
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर आरबीआइ की कार्रवाई से मिली सीख के बारे में बात करते हुए विजय शेखर शर्मा ने माना कि व्यक्तिगत स्तर पर यह एक भावनात्मक झटका था। जबकि पेशेवर तौर पर यह जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से पूरा करने का सबक था। उन्होंने कहा कि हमें बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए था और इसका कोई रहस्य नहीं है।

पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर आरबीआइ की कार्रवाई से मिली सीख के बारे में बात करते हुए विजय शेखर शर्मा ने माना कि व्यक्तिगत स्तर पर यह एक भावनात्मक झटका था। जबकि पेशेवर तौर पर यह जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से पूरा करने का सबक था। उन्होंने कहा कि हमें बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए था और इसका कोई रहस्य नहीं है।

सरकार ने स्टार्टअप को मुख्यधारा में लाकर उनके लिए सचमुच स्वर्णकाल की शुरुआत कर दी है।
ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफार्म पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने शनिवार को कहा कि सरकार ने स्टार्टअप को मुख्यधारा में लाकर उनके लिए सचमुच स्वर्णकाल की शुरुआत कर दी है। एक कार्यक्रम में शर्मा ने कहा कि यह उन दिनों के मुकाबले एक आश्चर्यजनक बदलाव है, जब स्टार्टअप को करियर की तरह अपनाने में सबसे निचले पायदान पर रखा जाता था।
मुश्किल वक्त पर की बात
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर आरबीआई की कार्रवाई से मिली सीख के बारे में बात करते हुए विजय शेखर शर्मा ने माना कि व्यक्तिगत स्तर पर यह एक भावनात्मक झटका था। जबकि पेशेवर तौर पर यह जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से पूरा करने का सबक था। उन्होंने कहा कि हमें बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए था और इसका कोई रहस्य नहीं है।
हमारे पास जिम्मेदारियां थीं, हमें उन्हें और बेहतर ढंग से पूरा करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वे पेटीएम को 100 अरब डॉलर की कंपनी और वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना चाहते हैं।
ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफार्म पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने शनिवार को कहा कि सरकार ने स्टार्टअप को मुख्यधारा में लाकर उनके लिए सचमुच स्वर्णकाल की शुरुआत कर दी है। एक कार्यक्रम में शर्मा ने कहा कि यह उन दिनों के मुकाबले एक आश्चर्यजनक बदलाव है, जब स्टार्टअप को करियर की तरह अपनाने में सबसे निचले पायदान पर रखा जाता था।
मुश्किल वक्त पर की बात
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर आरबीआई की कार्रवाई से मिली सीख के बारे में बात करते हुए विजय शेखर शर्मा ने माना कि व्यक्तिगत स्तर पर यह एक भावनात्मक झटका था। जबकि पेशेवर तौर पर यह जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से पूरा करने का सबक था। उन्होंने कहा कि हमें बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए था और इसका कोई रहस्य नहीं है।
हमारे पास जिम्मेदारियां थीं, हमें उन्हें और बेहतर ढंग से पूरा करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वे पेटीएम को 100 अरब डॉलर की कंपनी और वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना चाहते हैं।
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