थोक पैकिंग वाली वस्तुओं पर अनिवार्य लेबलिंग का प्रस्ताव, केंद्र ने 29 जुलाई तक मांगे सुझाव और आपत्ति
थोक पैकिंग वाली वस्तुओं पर अनिवार्य लेबलिंग का प्रस्ताव, केंद्र ने 29 जुलाई तक मांगे सुझाव और आपत्ति
प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य उन कमियों को दूर करना है जिनके तहत थोक पैकिंग पर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) समाप्ति तिथि एवं निर्माता कंपनी के बारे में जानकारी नहीं देने की छूट रहती है। उपभोक्ता मामले के मंत्रालय ने संबंधित प्रस्ताव पर आम लोगों से 29 जुलाई तक सुझाव एवं आपत्तियां मांगी हैं। यह ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्लेटफार्म के लिए अनिवार्य होगा।
ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्लेटफार्म के लिए अनिवार्य होगा।
केंद्र सरकार ने पैक वस्तुओं से संबंधित विधिक माप विज्ञान नियम-2011 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत खुदरा बिक्री वाली 25 किलोग्राम से ज्यादा वजन अथवा 25 लीटर से अधिक मात्रा वाली पैक वस्तुओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी की घोषणा को अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। उपभोक्ताओं के हित में पहले से सभी पैक की गई वस्तुओं पर निर्माता, पैकर, आयातक का नाम और पता, उत्पत्ति का देश, वस्तु का नाम, मात्रा, निर्माण का माह और वर्ष, एमआरपी, पैक बिक्री मूल्य, सर्वोत्तम उपयोग की तिथि आदि विवरण अनिवार्य रूप से देना होगा।
ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्लेटफार्म के लिए अनिवार्य होगा। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य उन कमियों को दूर करना है, जिनके तहत थोक पैकिंग पर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी), समाप्ति तिथि एवं निर्माता कंपनी के बारे में जानकारी नहीं देने की छूट रहती है। उपभोक्ता मामले के मंत्रालय ने संबंधित प्रस्ताव पर आम लोगों से 29 जुलाई तक सुझाव एवं आपत्तियां मांगी हैं। अगर नया नियम लागू होता है तो औद्योगिक या संस्थागत उपभोक्ताओं के लिए पैक वस्तुओं को इसके दायरे से बाहर रखा जाएगा।
मंत्रालय की ओर से रविवार को कहा गया है कि 25 किलोग्राम से ज्यादा वजन वाली पैक वस्तुएं भी बाजार में खुदरा बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। नियमों में संशोधन के बाद खुदरा बिक्री के सभी पूर्व-पैकेज्ड वस्तुओं पर व्यापक लेब¨लग करना जरूरी होगा। पैक वस्तुओं की मात्रा चाहे जितनी हो। नए नियम से उद्योग जगत में पारदर्शिता लाने और उपभोक्ताओं को मनमाफिक विकल्प चुनने में मदद मिलेगी।
प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य उन कमियों को दूर करना है जिनके तहत थोक पैकिंग पर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) समाप्ति तिथि एवं निर्माता कंपनी के बारे में जानकारी नहीं देने की छूट रहती है। उपभोक्ता मामले के मंत्रालय ने संबंधित प्रस्ताव पर आम लोगों से 29 जुलाई तक सुझाव एवं आपत्तियां मांगी हैं। यह ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्लेटफार्म के लिए अनिवार्य होगा।
ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्लेटफार्म के लिए अनिवार्य होगा।केंद्र सरकार ने पैक वस्तुओं से संबंधित विधिक माप विज्ञान नियम-2011 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत खुदरा बिक्री वाली 25 किलोग्राम से ज्यादा वजन अथवा 25 लीटर से अधिक मात्रा वाली पैक वस्तुओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी की घोषणा को अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। उपभोक्ताओं के हित में पहले से सभी पैक की गई वस्तुओं पर निर्माता, पैकर, आयातक का नाम और पता, उत्पत्ति का देश, वस्तु का नाम, मात्रा, निर्माण का माह और वर्ष, एमआरपी, पैक बिक्री मूल्य, सर्वोत्तम उपयोग की तिथि आदि विवरण अनिवार्य रूप से देना होगा।
ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्लेटफार्म के लिए अनिवार्य होगा। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य उन कमियों को दूर करना है, जिनके तहत थोक पैकिंग पर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी), समाप्ति तिथि एवं निर्माता कंपनी के बारे में जानकारी नहीं देने की छूट रहती है। उपभोक्ता मामले के मंत्रालय ने संबंधित प्रस्ताव पर आम लोगों से 29 जुलाई तक सुझाव एवं आपत्तियां मांगी हैं। अगर नया नियम लागू होता है तो औद्योगिक या संस्थागत उपभोक्ताओं के लिए पैक वस्तुओं को इसके दायरे से बाहर रखा जाएगा।
मंत्रालय की ओर से रविवार को कहा गया है कि 25 किलोग्राम से ज्यादा वजन वाली पैक वस्तुएं भी बाजार में खुदरा बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। नियमों में संशोधन के बाद खुदरा बिक्री के सभी पूर्व-पैकेज्ड वस्तुओं पर व्यापक लेब¨लग करना जरूरी होगा। पैक वस्तुओं की मात्रा चाहे जितनी हो। नए नियम से उद्योग जगत में पारदर्शिता लाने और उपभोक्ताओं को मनमाफिक विकल्प चुनने में मदद मिलेगी।
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